वो कौन थी..

वो गोरी भी ना थी,
ज्यादा सुंदर भी ना थी,
ना देती थी प्रेम कभी,
फ़िर भी वो योग्य बहुत थी
कदम से कदम मिलाती थी
वो साथ मेरे आती जाती थी
मैं चाहता तो रुकती थी
मैं चाहता तो चलती थी
मंदिर में आने से करती थी इन्कार
पर बाहर मेरा करती थी इन्तजार
वो………………………………………..
जैसी भी थी, चप्पल थी मेरी……
ना जाने कौन उठा कर ले गया ।

Comments

25 responses to “वो कौन थी..”

  1. वाह वाह बहुत ही उत्तम रचना

    1. Geeta kumari

      Thank you very much kamla ji for your nice complement.

  2. Geeta kumari

    समीक्षा के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद चंद्रा जी🙏

  3. Praduman Amit

    बहुत ही सुन्दर भाव है

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद अमित जी🙏

  4. बहुत खूब दी

    1. Geeta kumari

      Thank you very much sis.for your lovely complement.

    2. Geeta kumari

      हास्य ही तो है प्रज्ञा🙂

    3. Geeta kumari

      चप्पल का लड़की का मानवीकरण..

      1. बहुत अच्छी है

  5. Satish Pandey

    क्या शानदार लेखनी है। चप्पल का इतना जबरदस्त मानवीकरण किया गया है कि कुछ कहते नहीं बन पा रहा है। बहुत अच्छी प्रतिभा है, keep it up, रुकना नहीं , चलते जाना है। वाह

    1. Geeta kumari

      इतनी सुन्दर समीक्षा के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद सतीश जी ।🙏
      कविता के भाव को समझने के लिए आपका बहुत शुक्रिया और आभार। आपकी प्रेरक समीक्षाएं हमेशा ही मेरा मार्ग दर्शन करती हैं ।

  6. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    अतिसुंदर रचना

    1. Geeta kumari

      सादर धन्यवाद भाई जी 🙏

  7. बहुत ही बढ़िया हास्य रचना, ग्रेट

    1. Geeta kumari

      समीक्षा के लिए बहुत बहुत धन्यवाद सर 🙏

  8. सुन्दर, उम्दा

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद पीयूष जी🙏 समीक्षा हेतु आभार

  9. Pratima chaudhary

    शुरुआत कुछ और अन्त में कुछ और
    मतलब पहले लगा कि प्रेमिका के लिए भाव है किन्तु बाद में हंसी भी आई और चप्पल की चोरी होने का दुख भी हुआ 😊👌
    बहुत सुंदर प्रस्तुति गीता मैम
    मानवीकरण का सुन्दर प्रयोग

    1. Geeta kumari

      सुन्दर समीक्षा हेतु आपका बहुत बहुत धन्यवाद प्रतिमा जी । भाव समझने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया ।यही तो इस कविता में twist था।
      आपको हंसी आई बहुत अच्छा लगा। ऐसे ही हमेशा ख़ुश रहें । चप्पल के मानवीकरण की हास्य कथा ही थी। बहुत बहुत धन्यवाद 🙏

  10. Indu Pandey

    बहुत सुंदर हास्य रचना

  11. Geeta kumari

    अरे वाह इंदु जी आपको मेरी रचना से हंसी आई इसके लिए आपका हार्दिक धन्यवाद 🙏

  12. Seema Chaudhary

    वाह चप्पल का बहुत सुंदर मानवीकरण । सुंदर हास्य रचना

    1. Geeta kumari

      Thank you seema

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