नारी की उपस्थिति भी अनुपम है,
आभास इसका नमक सम है
मौजूदगी किसी को नहीं पता चलती,
बस, गैर- मौजूदगी सदा खलती है ।
नारी की उपस्थिति
Comments
24 responses to “नारी की उपस्थिति”
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सुन्दर👌
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बहुत बहुत धन्यवाद ऋषि जी
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बहुत सुंदर
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कविता की समीक्षा के लिए आपका धन्यवाद मोहन जी🙏
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वाह वाह, नारी पथ का प्रकाश है। नारी के बिना अंधेरा है।
बहुत ही सच्ची और लाजवाब पंक्तियाँ। लेखनी की सटीकता को सैल्यूट-
इतनी सुन्दर समीक्षा के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद सतीश जी🙏
आपकी टिप्पणी हमेशा ही मेरी पथ प्रदर्शक हैं। बहुत बहुत आभार..
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बहुत शानदार लिखा है। वाह
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आपकी सुंदर प्रशंसा के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद कमला जी🙏
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Nice, very nice poem
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Thank you very very much chandra ji 🙏
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सच्ची प्रस्तुति
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सादर धन्यवाद एवम् आभार सर 🙏
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बहुत खूब
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बहुत बहुत धन्यवाद आपका पीयूष जी🙏
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वाह बहुत खूब
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सादर धन्यवाद भाई जी 🙏
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लाजवाब
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Thank you for your lovely comment dear pragya.
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Bahut Sundar kavita
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Thanks for your nice n precious complement Isha ji
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अतिसुंदर
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Thank you very much Pratima ji
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बहुत सुंदर कविता
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Thanks Allot seema
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