7 Comments

  1. आज भी गांव में कौवे की आवाज सुनकर ऐसा अनुमान लगाते हैं की कोई मेहमान आने वाला है
    आपने डॉक्टर साहब बड़े ही अच्छे सुंदर शब्दों में रचना की

  2. अद्भुत जँहा ना पहुचे रवि
    वंहा पंहुचे कवि…
    किसी शायर ने ठीक ही कहा है
    बहुत सुन्दर चाचा जी 💐💐

  3. बहुत ही सुन्दर और भाव पूर्ण रचना है ।सुनकर कांव कव्वे की,
    सभी यह सोच कर खुश हैं अब मेहमान आयेगा। कवि सतीश जी ने कव्वे की बोली से मेहमान आने की बात कही है जिससे सभी खुश है।गांव में ऐसी ही प्रथा होगी , सुंदर भावों की प्रधानता लिए हुए बहुत ही सौम्य, सरस रचना

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