6 Comments

  1. प्रज्ञा जी हम एक बात याद आई,

    मछली जल की रानी है
    जीवन उसका पानी है
    हाथ लगाओ तो डर जाएगी
    बाहर निकालो तो मर जाएगी

    प्रज्ञा जी अगर इंसान अब ना सुधरा इन मछलियों से बुरी स्थिति हम मानव की होगी आपकी रचना अति सुंदर

    1. सही कहा आपने तभी तो मैंने कहा
      चलो बचायें जीवन इसका
      यानी पानी बचाएं..
      इतनी अच्छी समीक्षा के लिए आभार

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