‘सजदा’

सजदा करते हैं हम इश्क का
इबादत यार की अपने
खुदा मान कर किया करते हैं
वो तो नसीब में नहीं अपने
उसकी यादों में जिया करते हैं

Comments

5 responses to “‘सजदा’”

  1. Geeta kumari

    बहुत ख़ूब

  2. सुन्दर अभिव्यक्ति

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