वक्त

वक्त ने फंसा दिया है,
कभी रुला, कभी हंसा दिया है
उनसे कहो, परेशान नहीं हैं हम
वक्त की ही बात है, नहीं है कोई गम

Comments

10 responses to “वक्त”

    1. Geeta kumari

      सादर धन्यवाद भाई जी 🙏

  1. बहुत ही सुंदर रचना

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद ऋषि जी

    1. Geeta kumari

      Thank you sis.

  2. वाह, क्या बात है, बात तो वक्त की ही है। लाजवाब पंक्तियाँ, उच्चस्तरीय सृजन

    1. Geeta kumari

      इतनी अच्छी समीक्षा के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद सतीश जी
      प्रेरक समीक्षा हेतु बहुत बहुत शुक्रिया..

  3. बहुत ही उम्दा

    1. Geeta kumari

      Thank you pragya.

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