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  1. “कागज आपका होना हमारे लिए वरदान है आपकी महत्ता का
    हमें भान है।” “कागज़” पर कवि सतीश जी की बहुत ही सुन्दर रचना ।वाकई में कागज़ एक वरदान ही है । मां सरस्वती का आशीर्वाद ।पुरानी पीढ़ी की जानकारी और भावी पीढ़ी को ज्ञान देने के लिए कागज़ की महत्ता से किसको इन्कार है ।कागज़ पर ही तो अंकित ज्ञान और भावनाओं का भंडार है ।वाह , सर बहुत सुंदर प्रस्तुति

    1. गीता जी आपकी समीक्षा शक्ति काबिलेतारीफ है। आपने इतनी सुन्दर टिप्पणी की है। आप विद्वान तो हैं, यूँ ही आपकी लेखनी की विद्वता बढ़ती रहे। सादर अभिवादन।

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