हमेशा रावण को क्यूं फूंका जाता है
रावण तो कब का मर गया !
आज तो विभीषण ही विभीषण हैं
उन्हें पहचान कर सचेत रहने की जरूरत है
रावण तो कब का मर गया
Comments
14 responses to “रावण तो कब का मर गया”
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“किस रावण की काटूं बाहें, किस रावण को आग लगाऊं
घर-घर लंका, पग-पग रावण, इतने राम कहां से लाऊं”
आज-कल के माहौल के बारे में यथार्थ पंक्तियां…-

वाह बहुत खूब दी…
धन्यवाद-
Welcome dear
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सुन्दर रचना, बहुत खूब
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धन्यवाद
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धन्यवाद
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सुन्दर अभिव्यक्ति
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धन्यवाद
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Khubsurat
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Thanks
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विचार तो अच्छी है।
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Thanks sir
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सुन्दर
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Tq
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