भाई दूज का दिन है
बहनों प्यार लुटाओ
प्यारे-प्यारे भाई को
अपने हाथों से मिष्ठान खिलाओ…
भाई-बहन के प्रेम का
परिचय देता है यह त्योहार
भाई से जो कुछ मांगे बहन
तो भाई जाये सबकुछ हार….
बहन खिलाती भुरकी-चूरा
और खिलाए मिठाई
भाई मन ही मन यह सोंचे
आज जेब पर बन आई….
देकर भाई प्यार का तोहफा
प्यार जताये अपना
बहन कहे ओ भाई! मेरे
सदा साथ ही रहना…
ओ भाई मेरे !
Comments
10 responses to “ओ भाई मेरे !”
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बहुत ही सुन्दर रचना है आपकी
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धन्यवाद
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भाई दूज पर बहुत सुंदर कविता
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धन्यवाद
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Very good
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धन्यवाद
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बहुत सुन्दर, बहुत लाजवाब अभिव्यक्ति
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धन्यवाद
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अतिसुंदर
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लाजबाव अतिसुंदर
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