💞Women’s Day Special poetry💞
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महिलाओं की बात निराली,
माँ, भगिनी हो या घरवाली ….
इनसे ही संसार बसा है
दिल में प्रेम अपार छुपा है….
सुंदर सबका रूप सजीला
परिधान है इनका रंग-रंगीला….
ये होती हैं दिल की अच्छी
हाँ, थोड़ा-सा गुस्सा करती….
सबको अपना प्यार दिखाती
रिश्तों को भी खूब निभाती…..
हर मैदान फते कर जाती
पुरुषों को पीछे कर जाती…..
जिस घर में नारी पूजी जाती
लक्ष्मी जी उस घर में रहती…..
जहां उनको दुत्कारा जाता
मारा जाता पीटा जाता….
होता उसका नाश सदा है
इतिहास इसका साक्ष्य रहा है…
नारी का सम्मान करो सब
हे लेखनी ! उसका गुणगान करो अब….
इसमें ही है सबकी भलाई
महिला दिवस की सबको खूब बधाई…
“नारी का सम्मान”
Comments
16 responses to ““नारी का सम्मान””
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Happy women’s day pragya
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Same to u
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Nice thought full poetry
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Tq🙏🙏
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आपका शब्दकोश बहुत अच्छा है तथा कविता का भाव मन को छूता हुआ प्रतीत होता है
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Tq🙏🙏
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Happy women’s day pragya ji
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Aapko bhi
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आपने सच कहा जहां नारी का सम्मान होता है वहां देवता निवास करते है
कहा भी गया है-
यत्र नारी च पूज्यन्ते
रमंते तत्र देवता…
सटीक और सत्य वचन-

Bahut khoob kaha h
Tq
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👍
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🙏
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प्रतियोगिता में प्रथम आने की हार्दिक बधाई हो आपको…
हमको आपसे यही आशा थी…
उम्मीद है आगे भी आप उच्चकोटि की रचना लिखेंगी-

धन्यवाद आपका बहुत बहुत आभार व्यक्त करते हैं
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नारी की महिमा बहुत सुंदर रचना
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धन्यवाद सर आपका इस टिप्पणी हेतु
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