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  1. होली में मिलें कई रंग,
    रंग दो मुझको साॅंवरिया
    लाल, गुलाबी प्रेम रंग है,
    हो गई मैं तो बावरिया,
    रंग दो मुझको साॅंवरिया l
    —– बहुत सुंदर रचना। कवि गीता जी की बेहतरीन रचना। होली में बहुत सुंदर रचना।

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