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  1. जब राहें कंटकित व वीरान हो,
    और कोई ना तेरे… 
    तब तुम व्यथित होना नहीं,
    हिम्मत मन की खोना नहीं,
    ……….कठिनाइयों में भी उत्साह वर्धन कराती हुई कवि अनु जी की बेहतरीन रचना

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