कभी आओं फुर्सत मे सब मिलजुलकर एक साथ बैठे,
कुछ तुम कहो अपनी और कुछ हाल हम भी पूछे।
इस जिन्दगी की आपाधापी मे हम खुद को ही भूल गये,
न जाने कितने रिश्ते-नाते हमसे पीछे छूट गये।
सबका जीवन है विपरीत परिस्थितियों से भरा हुआ,
हर इन्सान है रोजी-रोटी के चक्कर मे ही पड़ा हुआ।
ये तो सब चलता आया है और आगे भी चलता जायेगा,
मिलजुल लो सब आपस मे गुजरा वक़्त फिर न आयेगा।।
Aao kabhi
Comments
11 responses to “Aao kabhi”
-
Nice
-
Thx
-
-

सही कहा
-
Thank u
-
-

nice
-
Thank u
-
-

👌👌👌🌺🌺
-
🙏🙏
-
-

Right
-
Thx
-
-

Nice
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.