ღღ__आगाज़ तो इस बरस का, लाजवाब हुआ है “साहब”; . बस यही अन्दाज़, मेरे अन्जाम तक बनाये रखना !!……#अक्स . समस्त मित्रों एवं शुभचिंतकों को नूतन वर्ष २९१६ की हार्दिक शुभकामनाएँ !!

ღღ__शायद ये आँखें मूँद लेने का, सही वक़्त है “साहब”; . कि रोज़ ख्वाहिशों का मरना, हमसे अब देखा नहीं जाता !!……‪#‎अक्स‬ . www.facebook.com/अन्दाज़-ए-बयाँ-with-AkS-Bhadouria-256545234487108/

मोहब्बत से नफरत तक आने में, वक़्त तो लगता है; जागती आँखों को सुलाने में वक़्त तो लगता है!! . इतनी जल्दी कहाँ से सीखा, तुमने रक़ीबों-सा हुनर; अपने महबूब को रुलाने में, वक़्त तो […]

सूरत तो उसकी देखी, पर सीरत नहीं देखी; ღღ_है मेरी खता ये, कि मैं आदमी-सा था ! . ღღ_वक़्त के साथ उनके, बदला किये ख्याल; इन हालात में बिछडना, तो लाज़मी-सा था!!……‪#‎अक्स

मेरे महबूब के जलवों की तो, पूरी दुनिया ही दीवानी है, ये जहाँ जो इक गुलिस्ताँ है, इसकी वो रात-रानी है; . चाल है गज़ालों सी, रुख में मौजों सी रवानी है, होंठों पे शबनम […]

“इन्तजार” ! बहुत ‘मतलबी’ लफ्ज़ है ना ‘साहब’ ?? ღღ__रख लो तो अमानत, दे-दो तो इक ज़मानत; . ღღ__चाहो तो मोहब्बत, सोचो तो सिर्फ नफ़रत, काट तो दो तो इक उम्र, और जी लो तो […]

ज़िन्दगी से उम्मीद, कुछ ज्यादा ही सही, ‘सब-कुछ’ खोकर, “कुछ” पाने का इरादा ही सही; . मिलना, ना-मिलना तो, उस खुदा क हाथ में है, तू मिलने का वादा तो कर, एक झूठा वादा ही […]