A CA student by studies, A poet by passion, A teacher by hobby and a guide by nature. Simply I am, what I am !! :- "AkS"

10 Comments

  1. कभी किसी खिडकी से कोई झोंका हवा का आ जाता है
    उसे पता होता है कि हम अक्सर बहुत तनहा होते है

    1. तन्हाई ने तो मुझसे मिलने के, मुझको मौके दिए हज़ार; ______ღღ
      .
      मैं खुद ही खुद को ढूंढने में \’अक्स\’, ज़रा नाकाम रह गया !!…….‪#‎अक्स‬……..

      शुक्रिया पन्ना जी……..:)

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