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अपहरण

” अपहरण “हाथों में तख्ती, गाड़ी पर लाउडस्पीकर, हट्टे -कट्टे, मोटे -पतले, नर- नारी, नौजवानों- बूढ़े लोगों  की भीड़, कुछ पैदल और कुछ दो पहिया वाहन…

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

लाल चौक बुला रहा हमें, तिरंगा फहराने को

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कैसे होते हैं……!

कैसे होते हैं……! ——————————— कोई पहचान वाले अनजान कैसे होते हैं जानबूझ कर कोई नादान कैसे होते हैं बदलता है मौसम वक़्त और’लम्हें सुना हेै–…

Responses

  1. कभी किसी खिडकी से कोई झोंका हवा का आ जाता है
    उसे पता होता है कि हम अक्सर बहुत तनहा होते है

    1. तन्हाई ने तो मुझसे मिलने के, मुझको मौके दिए हज़ार; ______ღღ
      .
      मैं खुद ही खुद को ढूंढने में \’अक्स\’, ज़रा नाकाम रह गया !!…….‪#‎अक्स‬……..

      शुक्रिया पन्ना जी……..:)

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