Related Articles

लाल चौक बुला रहा हमें, तिरंगा फहराने को

सिहासन के बीमारों ,कविता की ललकार सुनो। छप्पन ऊंची सीना का उतर गया बुखार सुनो। कश्मीर में पीडीपी के संग गठजोड किये बैठे हैं। राष्ट्रवाद…

अपहरण

” अपहरण “हाथों में तख्ती, गाड़ी पर लाउडस्पीकर, हट्टे -कट्टे, मोटे -पतले, नर- नारी, नौजवानों- बूढ़े लोगों  की भीड़, कुछ पैदल और कुछ दो पहिया वाहन…

कैसे होते हैं……!

कैसे होते हैं……! ——————————— कोई पहचान वाले अनजान कैसे होते हैं जानबूझ कर कोई नादान कैसे होते हैं बदलता है मौसम वक़्त और’लम्हें सुना हेै–…

Responses

  1. कभी किसी खिडकी से कोई झोंका हवा का आ जाता है
    उसे पता होता है कि हम अक्सर बहुत तनहा होते है

    1. तन्हाई ने तो मुझसे मिलने के, मुझको मौके दिए हज़ार; ______ღღ
      .
      मैं खुद ही खुद को ढूंढने में \’अक्स\’, ज़रा नाकाम रह गया !!…….‪#‎अक्स‬……..

      शुक्रिया पन्ना जी……..:)

New Report

Close