गरीबी ख़ुद के सिवा, औरों पे असरदार नहीं होती; शायद इसीलिए भूखों की, कोई सरकार नहीं होती !! . महज़ दो वक़्त की रोटी, और चन्द पैरहन तन पे; फक़ीरों को इससे ज्यादा की, दरकार […]

ღღ_हर लम्हा, हर लफ्ज़, बस एक ही आरजू; अरे, दुनिया में बस वही, एक इंसान थोड़े है! . याद करते रहते हो, रात-रात भर उसको; अरे, सुबह को उसके बारे में, इम्तिहान थोड़े है! . […]

ღღ_अजब ही चीज़ हैं, ये ख्वाहिशें “साहब”, मैं टूट भी जाऊँ, तो बिखरने नहीं देती; . एक तुम हो, कि मुझसे दूर ही रहते हो, और एक ये हैं, कि मरने भी नहीं देतीं !!……‪#‎अक्स […]

ღღ__ज़िन्दगी भी कुछ ऐसे ख्याल में गुजरी; जैसे शब्-ए-फुरकत किसी मलाल में गुजरी !! . जिसमें इश्क़, हो जाता है बे-वजह; वो उम्र तो बस, अभी हाल में गुजरी !! . क्यूँकर हसीन सपने, देख […]