ღღ__तुमने रोका है इनको “साहब”, या हम भूलने लगे हैं अब;
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कि अब ख्याल भी तेरे, हमसे मिलने नहीं आते !!………#अक्स
“ख्याल” #2Liner-38
Comments
6 responses to ““ख्याल” #2Liner-38”
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बेहद खूबसूरत 🙂
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तहे-दिल से शुक्रिया अनुप्रिया जी 🙂
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nice dost
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thaaaaaaaaanq uuuuu
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बहुत शानदार
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अति उत्तम शब्दावली
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