है आज कार्य पर सुरक्षा एवं विश्व स्वास्थ्य दिवस श्रमिकों को भी खुश रखे ,ना करें उन्हें अब और विवश मजदूरों की स्वास्थ्य परेशानियों को हम दूर करें इन्हें जागरूक करें और मिटायें इनके जीवन […]

आज मनाते स्वास्थ्य दिवस एवं होती कार्य पर सुरक्षा आओ हम सब मिलकर करते हैं थोड़ी सी परिचर्चा दुनिया भर में काम के दौरान श्रमिकों के साथ हो जाता हादसा हादसो में श्रमिक गुजर जाते […]

आज जब धरती मां सुला रही लोगों को अपनी गोद फिर भी रंजिशे मिट नहीं रही ,पुरानी बातें भी रहें खोद प्यार स्नेह तो बचा नहीं, गालियां देते एक दूजे को रोज मां बहन के […]

आज की शिक्षित समाज के लोगों को मैंने अनपढ़ पाया , बेटी बनी बहू को भी एक पल में ठुकराया, मानवता तो बची नहीं जताते बड़ा अपना_ पराया , मायका भी है ससुराल भी है […]

2 साल अभी बस बीते, पोते की खुशी में सब जीते , अचानक पति की तबीयत बिगड़ी और वह सांस ना ले पाया, छोड़ दी उसने अपनी सांसे ऑक्सीजन उसे न मिल पाया , बेटे […]

आज मन बड़ा द्रवित हुआ , सोचा सबको बतला दूं, समाज का एक ऐसा भी रूप सोचा सब को दिखला दूं, बड़ा परेशान पिता था बेटी की शादी के लिए , ना जाने कितने लड़के […]

आज है जन्मदिवस तेरा ओ मां अंजना के लाल , कलयुग के देवता कहां हो तुम ? आ जाओ करने फिर से हम सबकी देखभाल , आप की बनाई दुनिया में महामारी के बादल छाए […]

सोचा था आज है हनुमान जयंती, कराऊगीं सुंदर से भजन कीर्तन पर बड़ा द्रवित यह मन हो उठा, सुनकर चंहुओर क्रंदन करती हूं प्रार्थना बजरंगी, सुन लो अब मेरी विनती । लोगों की पीड़ा हरो […]

है अनमोल धरोहर ये अपनी बौद्धिक संपदा कर सकता इसे कोई इसे क्षीण नहीं ,रहती साथ में सर्वदा कोई नया काज करें , या कोई हो स्रजित् अविष्कार हो कोई कलात्मक कार्य , या हो […]

एक बूढ़ी अम्मा का घर आना हुआ, बातों का सिलसिला जब शुरू हुआ, अम्मा कहती जब से ई मोबाइल आया, वयस्कों संग बच्चा भी हमसे बात करने से कतराया, जैसे ही सुबह हुई बच्चों ने […]

जब सांसे हो रही है कम ,आओ फिर से वृक्ष लगाएं हम, आओ नमन करे हम वसुधा, को जो मिटाती है हम सबकी क्षुधा को, जो बिना भेदभाव हम सबको पाले,वह भी चाहे पेड़ों की […]

आज 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाते हैं, इसी मलेरिया के कारण हजारों लोग अपनी जान गंवाते हैं, इलाज से बेहतर होता स्वयं का बचाव करना, कोशिश करें फुल कपड़े पहनने की, घर में […]

घर की दहलीज जब लागी तो ऐसा मंजर देखा जिन्होंने अपनों को खोया उनके लिए कोरोना महामारी जो इससे बचकर घर वापस आए उनके लिए ये बीमारी अभी भी सड़कों पर खुला तुम क्यूं घूम […]

घर की दहलीज जब लाघीं तो ऐसा मंजर देखा जो भाई आपस में प्यार से रहते थे , परिवार में खुशियां लुटाते थे आज भाइयों के बीच बंटवारे हुऐ ,जो कभी एक थाली में साथ […]

घर की दहलीज जब लाघीं तो ऐसा मंजर देखा कहीं हो रही पार्टियां, कहीं हो रही शादियां कुछ लोग ठाठ से जीते ,कुछ बच्चे होते दिखे गाड़ियां भूखे प्यासे बच्चों को रोटी के लिए तरसते […]

घर की दहलीज जब लाघीं ‌तो ऐसा मंजर देखा‌ यह आंखों देखी सच्चाई ,नहीं कोई रूपरेखा मैं पहले बताती हूं परिवहन का किस्सा क्योंकि मैं भी शामिल थी इसमें बन हिस्सा खुद को महामारी से […]

कोई मेरी व्यथा क्यों समझता नहीं, मैं भी प्यासा हूं,मेरे लिए कोई पानी रखता नहीं। बढ़ रही उमस इतनी,और धूप कितनी तेज है, पानी के लिए मैं तरसता,इसका मुझको खेद है, सब जानते हैं बिन […]

आओ कथा सुनाएं तुम्हें पारिस्थितिकी पारितंत्र की, खतरे में आज है स्थिति अपने मानव तंत्र की। दिन-रात खनन हो रहा है चहुंओर हरियाली का, आधुनिक मशीनें बन गई कारण जीवन की खुशहाली का, है आवश्यकता […]

आज है राम जन्म करो सब मिल जय- जय कार, फैली विश्व में महामारी को मिटाने के लिए,फिर ले लो प्रभु अवतार। त्राहि त्राहि कर रहा है जग यह, चहुंओर मची चीत्कार, आकर संभालो प्रभु […]

कहने को हम भी कहते हैं धरा को धरती माता, है कितनी पीड़ा धरती मां को,यह कोई क्यों ना समझ पाता। करते हम अपने कृत्यों से,धरती मां को यूं गंदा पर्यावरण को दूषित करने में […]