मेरे घर मे लगी आग से
खुदगर्ज जमाना हाथ सेंकता है
दुख कितना भी बड़ा हो मेरा
मदद करने से पहले मेरा रुतबा देखता है
Author: राम नरेशपुरवाला
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खुदगर्ज
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माँ -बाप
माँ बाप की क्या इच्छा होती है
अपने बच्चों से
थोड़ा सा प्यार थोड़ी सी इज्जत
चाहते है उन गढ़े पक्के रिश्तो सेदुख के दिनों मे तुम साथ दो ना दो
तुम्हारे साथ सुख के कुछ क्षण गुजरना चाहते है
जिंदगी के खेल मे जीतो तुम
पल पल हारने के लिए अपनी मात चाहते हैसुखी तुम जिंदगीभर रहो
तुम्हारे दुख मे तुम्हारा साथ चाहते है
बुढ़ापे मे कांपते हुए शरीर को थमने वाला
तुम्हारा मजबूत हाथ चाहते हैबस मेरे बच्चों हम तुम्हारा साथ चाहते है…….
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सरकार
वाह री सरकार
क्या गजब बनाए है तूने ट्रेफिक रूल.
दिमाग मे बस चलता रहता हेलमेट, इंश्योरेंश, लाइसेंस कभी ना मै जाऊ भूल.
वाह री सरकार
सब्सिडी तो तूने give up करा दी
पर सिलेंडर-चूल्हा किसे मिला ?
इसकी तो तूने खबर भी ना दी.
वाह री सरकार
बिजली चोरी के छापे तो तो तूने खूब मारे
25%की रियायत दी…. बाकि सारा तू खा ले.
खा ले ले मर. -
अब ऐसा वक्त आ गया
कवि तो खुशिया फैलाने का जरिया था
पर अब ऐसा वक्त आ गया
कागज़- कलम को छोड़ सबने
लेपटॉप कंप्यूटर को अपना लिया
लिखने का कीमती वक्त तो
Whats up twiter खा गया
उंगलियां you tub को छनती
दिमाग़ को pub G खा गया
अब ऐसा वक्त आ गया -
आंसू
झूठे लोग बिना दर्द के भी आंसू बहाते है
सच्चे लोग दुसरो का दर्द देखके ही रोने लग जाते है
झूठे लोग दुख का बहाना बनाते है
सच्चे लोग दुखो मे भी मुस्कुराते है -
युवा
मै हूँ देश का युवा
आतंकवाद को जवाब दे के रहूँगा
मेरे देश के लिए दिलमे नफरत रखने वालो के
सीने मे गोलियाँ उतार दूंगा
ऐ पाकिस्तान तू मेरा नाम जान ले
अपना परिचय तो मै देश का झंडा गाड़ के दूंगा
तेरी बर्बादी मेरे हाथो होगी
इस बात की रसीद तेरे हाथ मे फाड़ के दूंगा -
कवि तो उड़ता पंछी है
सारे पिंजरे तोड़ चुका वो
. मन की मर्जी से जीता है.
कवि तो उड़ता पंछी है जो
उमंगो के आसमान मे उड़ता है
कवि तो बहुत ही प्यासा है
बस भावनाओ मे बहती नदी का पानी पीता है
शान से वो रहता है
कलम की डाल पर बैठकर
सकून के पल वो जीता है -
वाह वाह
जिंदगी जीने का नाम है
इसमें क्या अगला क्या पिछला है.
कवि को तो वाह… वही चाहिए
क्योंकि हर शब्द उसके दिल से निकला है. -
गुनेहगार
बचाके बहुत रखा अपने मासूम दिल को
दिन रात तुम्हारी जासूस निगाहो पर पहरा दिया.
चुराया दिल मेरा तुमने ही
और गुनेहगार भी हम ही को ठेहरा दिया. -
गुनेहगार
बचके बहुत रखा इस मासूम दिल को
दिन रात तुहारी जासूस निगाहो पर पहरा दिया
चुराया भी दिल तुमने ही और गुनेहगार भी मुझे ठहरा दिया -
कलाकार
सालो से भीख मांगती भिखारन
सोचती मेरे नसीब मे ये ही सही.
पेट की ना सही पर
दिल की आवाज़ सुनी तो सही.
भिखारन कहकर सालो तक दुत्कारा
आज कलाकार कहकर पुकार तो d
सही. -
तलाश
पत्थर पत्थर कण कण
ढूंढे आस पास
चाहे ढूंढ मुझे तू मस्जिद
चाहे काबे कैलाश
जो खुद को टटोल लिया
समझ ख़तम तेरी तलाश -
डर लगता है
हर मौसम सुहाना लगता है
हर ख्याल लुभाने लगता है
तुम्हारी ही आहट है ये
ख़ुशी से दिल धड़कने लगता है
आज तो तुम साथ हो मेरे
तुम बिन जीने से डर लगता है -
दिल के टुकड़े
प्यार उनसे बहुत है आज भी
कही उनकी यादे पीछा छोड़ ना दे
दर्द मे उनके जीना अच्छा है
कोई उन टुकड़ो को जोड़ ना दे -
मामले
भगवान ने टांगे दी है
आगे बढ़ने के लिए
दुसरो के मामले मे
अड़ाने के लिए नहीं
दया सब पर दिखाओ
पर बाद मे पछताने के लिए नहीं
बड़ा दुश्मन तो बड़ा ही है
पर छोटे को छोटा समझो नहीं -
पजाबी
दीखते खादे पिन्दे
मनादे हर जगह जश्न
यही उनका वट है
यही उनका टशन -
पौधा
सालो पहले मेने लगाया एक पौधा
निश्चिंत होकर सालो से रहा मै सोता
फिरसे देखने उसे
साथ चल दिया मेरा पोता
मिला नहीं वो मुझे कही
ना ढूंढ़ पाया मेरा पोता
प्रदूषण जो ना इतना होता
मै कभी ना खोता प्यारा पौधा -
प्यार
गुलो की क्या बात कहु
तुमसे ज्यादा खुशबू उनमे नहीं
सुनता बस तुम्हारी
फिर भी कहती सुनते नहीं
छोटे छोटे झगड़े हमारे
खतम कभी होते नहीं
प्यार जन्मो से है
खोखले रिश्तो से नहीं
प्यार रूहों से करने वाले
बाते जिस्मो की करते नहीं -
शिकायत
रूठो ना मुझसे तुम
किस चीज की शिकायत है
रूठने से पहले
जान लो की बस
इस दिल पर तुम्हारी ही रिवायत है
प्यार की मंजिल tu
तुझसे मेरी इनायत है
रूठी हो मुझसे तुम
छोटी सी मेरी भी ये शिकायत है -
आँखे
उनकी आँखों मे सच मुझे दिखता है
मन के अंदर झाँकने मे
पल नहीं मुझे लगता है
सच्चा प्यार उनको भी है
ऐसा मुझे लगता है
जन्मो का साथ है
ये रिश्ता सुहाना लगता है -
मंगलवार
बीवी ने कहा आज मंगलवार है
मन्दिर मुझे जाना है
कुछ पेसो के फूल होंगे
कुछ का गुलदाना है
मेने कहा आज की तू टाल मार
फिर से आएगा मंगलवार
उसे क्या पता मै हूँ पैसे का पुजारी
मन्दिर जाने की इच्छा
कभी पूरी ना होने दूंगा तुम्हारी -
शनिवार
घर घर आवाज लगता भिखारी
जय शनि देव.. जय शनि देव
मै तो पैसे का हूँ पुजारी
नाम मेरा राम हजारी
आज शनिवार नहीं मंगल है
चल यहाँ से भाग भिखारी. -
इतवार
पैसा बचाने के लिए
सब कुछ दिया टाल
पर खर्चा करने के लिए
सब रहते है तैयार
कितना बचाऊ हाय पैसा
पड़ गया आज ही इतवार -
मौसम
अभी मौसम का
हाल कुछ ऐसा है
वातावरण है ठंडा
हवा मे नमी जैसा है
मन बहुत प्रसन्न है मेरा
आपका हाल कैसा है -
उम्मीद
करोडो लोगो की उम्मीद
अभी भी अटके है प्राण
मरा नहीं अभी भी,
है उसमें जान
हमेशा हमको याद रहेगा
हमारा प्यारा मंगलयान -
कवि
मौसम सुहान होते ही
मिजाज उनका आशिकाना होने लगता है
साँझ ढलते ही हर कवि शायराना होने लगता है
कितना भी संभालो इन उंगलियों को
हाथ जाकर कलम को छूने लगता है.
शायद ये कोई
शमा का परवाना कोई लगता है -
तू गर्व कर तू नारी है
कितनी ऊँची अटल अम्बारी है
निर्मल, कोमल और सबसे न्यारी है
माँ -बाप की तू दुलारी है
तू गर्व कर तू नारी है.दुनिया समझें तू तो एक बेचारी है
हमेशा दबकर रहने की तेरी ये लाचारी है
पर वक्त पड़े तो नारी सब पर भारी है
तू गर्व कर तू नारी है.तेरा हक़ तुझे ना देगी, स्वार्थी दुनिया सारी है
लड़ने की ठान ले तो कभी नहीं तू हरी है
शत शत नमन है तुझको,
ये सृस्टि सारी तेरी ही आभारी है
तू गर्व कर तू नारी है -
नन्हा सा पेड़
एक नन्हा सा पेड़
आज ही अंकुरित हुआ
अब उसपर जिम्मेदारी
बड़ी और भारी है
सारा जीवन उसका
प्रदूषण मे कटेगा
उसकी यही अब
लाचारी है.
हवा पानी और खान पान,
पेड़ पर भी इसका प्रकोप है
फिर भी क्यों नहीं बदलता इंसान,
उठते काले धुँए जैसी उसकी सोच है.
अब तो ज़हरीली हुई हर सांस है,
जलते प्लास्टिक की हर जगह बांस है
उम्मीद बस इतना है कि पेड़ हमारे पास है,
मानवता की अब तो पेड़ ही एक आस है -
तेरी ओकात
भारत का गुणगान होगा,
तू बचाना अपनी जान,
तुझे तेरी ओका,
दिखा देंगे पाकिस्तान,
चाँद तो तेरा अब मामा नहीं,
ये ले तू जान,
क्योंकि उसपे अब,
तेरा बाप खड़ा है हिंदुस्तान. -
hindustan-पाकिस्तान
तेरे चाहने से पाकिस्तान
मेरी सांसे कम ना होंगी,
हिम्मत से दम भरूंगा इतना,
मेरी सांसे सरहद तक तुझे सुनाई देंगी.
सुनकर जय जय कार मेरी,
कान तूने बंद कर लिए,
सिर्फ 370 लगाकर ही मेने,
तेरे जैसे कितने ही अपनी जेब मे धर लिए.
आतंकवाद फैलाकर, गोली चलाकर
कुछ बिगड़ नहीं सकता पाकिस्तान,
सिर्फ मेरे मिराज की दहाड़ ही
कहीं मिटा ना दे तेरा नमो निशाना.
मार्स पर अब खड़ा है हिंदुस्तान,
7सितम्बर को सुन लेना मेरा गुण गान,
दुबक कर बैठ जइयो बिल मे तू,
जब चाँद पे उतरेगा दुबारा चंद्र यान. -
काम कर कोई नेक
जेब मे भरकर नोट,
और मन मे भर कर खोट,
दुसरो के लिए गढ्डा खोद,
पाप की गठड़ी कंधो पर उठा ,
चला ढूंढने बरगद की ओट.
पैसा खूब कमा लिया,
और सोचे पैसा ही दुनिया को चलाए है,
पर सच तो है की,
निर्धन और धनवान को
सिर्फ भूख -प्यास ही नचाये है.
बोझ तू अपना हल्का करके देख,
मिलेगी गर्मी मे राहत और सर्दी मे सेंक,
बैठना फिर बरगद के सहारे तू लगाके टेक,
एक बार तो काम कर कोई तो नेक. -
मेरा राजा बेटा
खुशियों का एहसास लाया,
जब तू मेरी जिंदगी मे आया
छू ना पाए तुझे मुश्किलों का साया,
बीड़ा मैंने यही उठाया.
दुख तुझपर कोई ना आए,
इसी जिद्द पर मै अडी हूँ
जब तू खुद को निराश पाए,
हमेशा साय की तरहा,
” तेरे पीछे ही मै खड़ी हूँ ”
खून का रिश्ता तुझसे गहरा और पक्का है,
तुझपर है भरोसा एक तू ही लगता मुझको सच्चा है,
बार-बार कहती यही “मेरा राजा बेटा सबसे अच्छा है,
तू कितना भी बड़ा हो जाये “तू फिर भी मेरा बच्चा है “. -
सूखी मिटटी
मुठि भर सूखी मिट्ठि को जब
सजा सवारकर गूँथ गूँथ कर आकर दिया
शिक्षक की कड़ी मेहमान के कारण
एक दिप्त छात्र का निर्माण हुआ. -
कमजोर हू थोड़ी पढ़ाई मे..
मै पढ़ते वकत अटकती हू
कमजोर हू थोड़ी पढ़ाई मे
पर साथ आपका चाहती हू
मेरे जीवन की इस लड़ाई मे
. हमेशा ही पैर रखती हू
आपके पेरो की ही परछाई मे
जब लिखती, पढ़ती, बोलती हू
परेशान जो होती किसी बुराई मे
आपकी सीख याद रखती हू
जीवन जीना हमेशा ही अच्छाई मे -
mera Raja beta
Mera Raja beta