UE Vijay Sharma, Author at Saavan - Page 2 of 14's Posts

मिटा कर मुझको मिटेंगी बेचैनीयाँ

खयाल उनका आए तो बेचैनीयाँ ना आयें जो खयाल तो बेचैनीयाँ या रब यह कैसा मर्ज दिया तूने मिटा कर मुझको मिटेंगी बेचैनीयाँ                              …… यूई »

चाहते हो दिल को राहत मिलें

लुटाने किसी पे दिल को हो निकले और चाहते हो दिल को राहत मिलें                               …… यूई »

यह सब कहां है आशिकों के निशान

राहतें सकून आराम चैन इत्मिनान यह सब कहां है आशिकों के निशान बेचैनीयाँ घबराहटें उन्नीदे उम्मीदे यह सब हैं उनके गहने और पहचान                                          …… यूई »

ज़िन्दा है दिल तो उसे धड़कने दो

ज़िन्दा है दिल तो उसे धड़कने दो याद में उसे किसी की तड़पने दो चाहतों को जी भर कर मचलने दो अरमान हजारों उसमें पनपने दो                                       …… यूई »

मिलिएगा ज़रूर कभी हमारे दिल से

मिलें होंगे आप हज़ूर हजारों दिल से मिलिएगा ज़रूर कभी हमारे दिल से होंगी सभी शिकायतें जो उन सब से मिट जाएगी एक पल में मिल हमसें                                        …… यूई »

जो है ही बेवफा वोह कभी किसी का नही होता

अपना कह देने से कभी कोई अपना नही होता अपना आप लुटा देने से कोई अपना नही होता सालों तमाम वफ़ाए उनपे ऊपर वार कर देखी जो है ही बेवफा वोह कभी किसी का नही होता                                              …… यूई »

आपने अपनी दिल्लगी निभा ली

अपना कह के आपने अपनी दिल्लगी निभा ली आपकी दिल्लगी पे हमने तो पूरी ज़िंदगी बिता दी                                                  …… यूई »

सिर्फ़ कहने से ना बात बनेगी

सिर्फ मिलने से ना बात बनेगी सिर्फ़ कहने से ना बात बनेगी गर दिल में नही है प्यार आपके बात कभी भी फिर यह ना बनेगी                                …… यूई »

दिल जो सिर्फ़ आपके लिए हो बना

कहने को होंगे हजारों दीवाने यहां यहां जाने होंगे कितने परवाने यहां दिल जो सिर्फ़ आपके लिए हो बना ख़ुद ही देगा अपनी आवाज़ सुना यहां                           …… यूई »

हमारे आने की चाह लगाए रखना

उम्मीद की शमाँ जलाए रखना हमारे आने की चाह लगाए रखना                                …… यूई »

ख्यालो से जुदा ना हो पाएँगे आपसे

शायद कभी मिल ना पाएँगे आपसे ख्यालो से जुदा ना हो पाएँगे आपसे                                …… यूई »

बंधा है मन मेरा खयाल में जो आपसे

बंधा है मन मेरा खयाल में जो आपसे हुआ है यह बे-खयाल हर जमाल से                             …… यूई »

इससे बेहतर क्या होगा इश्क खयाल का

कहने को बस है यह रिश्ता खयाल का इससे बेहतर क्या होगा इश्क खयाल का                               …… यूई »

ख्यालोँ मे ही बँध गया यह मन आपसे

ख्यालोँ में कभी सोचा किए थे आपको ख्यालोँ मे ही बँध गया यह मन आपसे                                …… यूई »

सूरत जो ज़िन्दगी भर देखी उसमें

दफनाते हुए मेरी कबर के अन्दर  आईना एक उलटा लटका देना सूरत जो ज़िन्दगी भर देखी उसमें सकू्न वह मौत में भी दिला जाएगी                          …… यूई »

जब भी कोई शिकायत होते है तुमसे

जब भी कोई शिकायत होते है तुमसे आईना उठा के ख़ुद मिलता हू खुदसे अकसर तो वो शिकायत ही नही बचती   रह भी जांए अगर तो ख़ुद से ही रह्ती                        …… यूई »

मैं तो ता-उमर दिखाता रहा हूँ

मैं तो ता-उमर दिखाता रहा हूँ तुझको तेरा जो था असली चेहरा तुमने ना माना अपना उसको चेहरा तुझको था पसंद तेरा नक्ली चेहरा                        …… यूई »

झूठ की परतें गिर कर टूट जाएँगी

आईने को तोड़ने से क्या होगा सच्चाई से मुँह मोड़ने से क्या होगा इन दोनों से आँखें मिला कर देख ज़िन्दगी की सच्चाई अपना कर देख झूठ की परतें गिर कर टूट जाएँगी ज़िंदगी जन्मो के लिए सँवर जाएगी                                …… यूई »

यह जो जमाने से है शिकायतें लाख हमको

बाहर सब यह जो हमारे दिखता हमको अन्दर हम जैसे वैसा सब दिखता हमको यह जो जमाने से है शिकायतें लाख हमको जमाने के दिल में है वैसी ही लाखो हमसे                                         …… यूई »

वोह आखिरी शाम आए

कौन जाने कब वोह आखिरी शाम आए जिसके बाद ना ज़िन्दगी की शाम आए …… यूई »

लोग दोनों सूरतों में खूब हाथ मिलाते हैं

लोग दोनों सूरतों में खूब हाथ मिलाते हैं उपर उठे हुए इनसान को नीचे गिराने में और उपर उठ गए इनसान को उठाने में …… यूई »

जिंदा हो के जो ख़ुद ही डूब गए

जिंदा रह के कभी जी ना पाए मौत के फलसफे वो समझाते हैं जिंदा हो के जो ख़ुद ही डूब गए वो मर के हमें कैसे पार उतारेंगे …… यूई »

आदमी बेचारा है सच में बेचारा आदमी

ढूँढने की ऐसी लगी है आदत इसको कुछ ना कुछ ढूँढने में लगा है आदमी पल पल यह है कुछ ना कुछ ढूँढता जब कुछ हो रहा हो जिंदगी में ग़लत यह उसको सही करने की राह ढूँढता जब सब चल रहा हो ज़िन्दगी में सही ढूँढ उसमें ग़लत, उसको ना सही छोड़ता आदमी बेचारा है सच में बेचारा आदमी ……. यूई »

अबके नीयत होना खराब

अबके किस्मत होना खराब पिछले कर्मो का है हिसाब अबके नीयत होना खराब करती हैं अगली किस्मत खराब ……. यूई »

रूह प्यासी रह जाते मेरी

रूह प्यासी रह जाते मेरी गर तेरे संग ना मर पाता ……. यूई »

आपने नज़र उठाई भी नही

आपके प्यार करने का यह अंदाज़ खूब निराला है आपने नज़र उठाई भी नही और हमसे आँखें चार हो गई ……. यूई »

खूब मिला है सिला मुझे

खूब मिला है सिला मुझे तुझे दिल में बसाने का गलतियों तेरी के इल्ज़ाम लगते मुझ पे हैं सभी ……. यूई »

बेचेनीयाँ दिन की हुई पराई सी

सन्नाटे रात के हुए मेरे अपने से बेचेनीयाँ दिन की हुई पराई सी गहन अंधेरों में कर मिलन ख़ुद से खुदी की राह् मिली थी जो पराई सी ……. यूई »

जिसने तराशे है यह नायाब हीरे

ना नज़ारो की बात करता हूँ ना हज़ारो की बात करता हूँ जिसने तराशे है यह नायाब हीरे उसमें मिलने की बात करता हूँ ……. यूई »

जिसने ना खुद के दिल की आवाज़ सुनी

जिसने ना खुद के दिल की आवाज़ सुनी उसने फिर ना ता–उमर कोई राह् चुनी                          ……. यूई »

इंसान ख़ुद ही ख़ुद का है

इंसान ख़ुद ही ख़ुद का है सबसे बड़ा है शिक्षक भटक जाए तो है ख़ुद ही ख़ुद का सबसे बड़ा भक्षक                                                   ……. यूई »

उसमें ही तुझे मेरा पैगाम मिलेगा

मैंने पूछा कैसे ए मालिक तेरा नाम मिलेगा मालिक बोला, नाम मेरा ले कर क्या मिलेगा जां बंदे कर सेवा मेरे बंदो की उसमें ही तुझे मेरा पैगाम मिलेगा                          ……. यूई »

मेरे आने का मकसद

सबने ज़िन्दगी का फल्स्फा समझाया पानी है बस शोहरत और दौलत यह है बस मेरे आने का मकसद इसी को पाने से मिलेगा सब आराम किया सब जो भी सबने कहां करके भी सब जां ना चैन मिला मन को ल्गा यह तो सबसे बड़ा हो गया है लोचा भटके हुए मुसाफिरों ने भटका दिया मुझे भी तब जां के यह बात समझ में आयी के यह है सब भटके हुए ख़ुद ही अपनी राहो में मुझे क्या राह् दिखाए यह ख़ुद भटके हुए मूसाफिर जैसे यह तुझको भूल गए हैं मुझको भी भुल... »

अपने दिल में मुझे पनाह दे दे

दर दर पे मैं सदियों भटका हूँ अब जा के तेरे दर पे अटका हूँ खोल दर अब मुझे पनाह दे दे अपने दिल में मुझे पनाह दे दे                        ….. यूई »

तुम्हारी कब्र की बगल में

मेहंदी रचे हाथों से मिली उस आपकी आखिरी अलविदा को, हमने दिल से यूँ मान लिया हाथ जोड़ तुम्हारा दिल रख तुम्हारी कब्र की बगल में खोद कर ख़ुद कबर अपनी ज़िन्दगी को सलाम किया                     ….. यूई »

अब रिश्ता है यह पूरी बराबरी का

जबसे तुमने हमसे मुँह फेर लिया हमने तेरे घर का रास्ता छोड़ दिया हाँ कुछ मयकदो को घर बना लिया अब रिश्ता है यह पूरी बराबरी का ना रुकेंगे जब तक बर्बाद ना होंगे                               …… यूई »

आवाज़ तेरी में बस जाऊँ मैं आयत की तरह

तेरे होंठों पे सज जाऊँ मैं दुआओं की तरह आवाज़ तेरी में बस जाऊँ मैं आयत की तरह दिल तेरे में रच जाऊँ मैं तेरी धड़कन की तरह रूह तेरी से जुड़ जाऊँ मैं मौत और जन्मो की तरह                                 …… यूई »

घर है यह सिर्फ तुम्हारा

दिल में रहते हो तुम घर है यह सिर्फ तुम्हारा बसते थे यहां सदा तुम बसेरा रहेगा स्दीवी तुम्हारा जाना हे तो जांओ पर ना इसे रुलाओ क्या पाओगे इसे तड़पा कर जो ना जी पाएगा इक पल भी तुम्हे भुला कर                            …… यूई »

तंग दिली के इस माहौल में

तंग दिली के इस माहौल में जगह कम हो गई हर जगह दिल दिमाग आँगन और सीना तंग हुआ इनसान का हर कोना                            …… यूई »

यादों के झरोखों से भी अलविदा कर गए

बाहों की पनाहो से हमें ज़ुदा कर गए दिल की दीवारो से भी विदा कर गए मज़बूरीया रही होंगी ज़रूर कुछ ज्यादा यादों के झरोखों से भी अलविदा कर गए                                                 …… यूई »

जाने हो क्यों ना सके

तेरी ज़ुल्फों की पनाहो में हो गुम बुने थे जो प्यार के हसीन सपने जो थे दिल के इतने क़रीब अपने जाने हो क्यों ना सके वोह अपने                                …… यूई »

जिसने ख़ुद के दिल की ना आवाज़ सुनी

जिसने ख़ुद के दिल की ना आवाज़ सुनी ता-उमर उसने ना फिर कोई सही राह चुनी                                         …… यूई »

प्यार है पपीहे की झुन झुन

प्यार है कलियो की गुन गुन प्यार है पपीहे की झुन झुन                      …… यूई »

प्यार है मेरी धरती

प्यार है मेरी धरती, जिसपे छाया है आसमान तेरा प्यार वोह ब्रह्मांड मेरा, छा गया जिसपे मन तेरा                                                         …… यूई »

प्यार वोह जो ज़िन्दगी दिखलाई तूने

प्यार वोह जो ज़िन्दगी दिखलाई तूने, प्यार है वो ज़िन्दगी जो जिवाई तूने                          …… यूई »

प्यार है रुबायी तेरी

प्यार है पहचान मेरी, प्यार है पहचान तेरी प्यार है रुबायी तेरी, प्यार है परछाई तेरी                                              …… यूई »

प्यार है भूखे को खिलना

प्यार है दुखिया को हँसना प्यार है भूखे को खिलना प्यार है बच्चो को पढ़ाना प्यार है वफ़ा को निभाना                      …… यूई »

प्यार वफ़ा का वोह गीत है

प्यार वफ़ा का वोह गीत है, जो लुभा हमें बार बार गया हर बार यह खूब गाया गया संगीत यह सबका मनमीत है                              …… यूई »

तलाक

तलाक क्या सच में ही होता है इतना आसान चंद तारीखे कुछ ज़िरहे दो दस्तखत खोल दी गिरहे बस निकल लिए पकड़ ख़ुद की राहे हो गए क्या सब हिसाब बँट गए क्या सब हिस्से उनका क्या जो दे भी गए और ले भी गए बेशुमार वोह पल गमो के भी प्यार के भी करते भी कैसे उनका बँटवारा उनका हिसाब क्यों किसी कचहरी ने ना तौला, ना गिना बस छोड़ दिया हमको हमारे सहांरे तुमने तो ज़िकर भी ना किया उनका लगा होगा तुमको के इनका क्या मोल यह क्या ... »

कंठ मेरे को वरदान यह दे दो

दोस्त कहा से इतना दर्द लिया लपेट यह विष का जाल लिया अब इस ज़हर को कैसे दहन करू राह् और कोई तो नज़र ना आए अपने शिव से ही अब माँग करू कंठ मेरे को वरदान यह दे दो तेरा विष सारा यह ग्रहन करे                            …… यूई »

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