Category: शेर-ओ-शायरी

  • दिल फरेबी का आलम

    दिल फरेबी का आलम कुछ इस कदर छाया,
    दिल देकर भी दिलदार गद्दार नजर आया।

  • जीवन में…

    जीवन में एक वक्त ऐसा भी आता है जब
    रिश्ते भी टूट जाते हैं और फ़रिश्ते भी काम नहीं आते

  • दीवानगी

    चलो हम भी बनाए एक ताजमहल दिल के आगरा में।
    शाहजहाँ जैसे बनाउंगा एक महल दीवानो के कब्र में ।।

  • भगवान भी सो रहा

    विलख रही धरती
    आसमान भी रो रहा।
    देख के अनाचार को
    भगवान भी सो रहा।।

  • नकाब

    नकाब चेहरे पर लिपटा है शोख लगता है….
    ये उतर जाता तो बा-खुदा क्या आलम होता….

  • क्यूँ अपना प्यार…

    क्यूँ मुझसे नज़रे चुराते हो
    क्यूँ अपना प्यार छुपाते हो
    नींद नहीं आती तो फिर क्यूँ
    मेरे ख्व़ाब सजाते हो

  • दो शेर

    नजर मिला के मेरे हमराज़ वहाँ छोड़ा ।
    देखने आते हैं दो गुलाब जहाँ तालकटोरा।।
    ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
    इश्क़ -ए-राहत के दवा लाया जब इन्दौर से।
    उतरने लगा तब इश्क़ -ए- जुनून मेरे सिर से।।

  • आज सोंचा…..

    आज सोंचा जाकर उनसे थोड़ी गुफ्तगू कर लूँ
    तभी पीछे से उनकी भाभी आ गयीं हाय तौबा!

  • एक न एक दिन

    रात के अंधेरे में मुंह छुपा कर चलने वाले .
    एक न एक दिन तुम्हें उजाले में आना ही पड़ेगा।
    अपने किए करनी के हिसाब ए चतुर इन्सान,
    दुनिया के सामने तुझे रखना ही पड़ेगा ।।

  • रोग

    जब मै अपना नब्ज दिखाया “मीर ” को।
    उसने कहा इश्क़ -ए -बुखार है आपको।।

  • मतलबपरस्ती

    मानवता का वास है
    या फिर दानवता का त्रास है।
    दुनिया के हर बसर को देखा
    मतलबपरस्ती हीं अब खास है।।

  • आसमां तो है सबका

    आसमां तो है सबका मगर
    मुझे हकीकत की जमी पर रहने का जुनून है

  • उसूलों के धागे

    सिले हैं होंठ मेरे उसूलों के धागों से
    पर क्या करूँ मेरे उसूल ही मेरे जीने का बहाना हैं…..

  • चाहत

    हाँथ फैलाकर मैने कभी कुछ भी नहीं माँगा
    पर तुझे पाने की चाहत कयामत तक रहेगी

  • दो लफ्ज़

    हाँथ फैलाकर खुदा से कुछ भी नहीं माँगा
    मैने आज तक
    मगर ए हमदम!
    तुझे पाने की चाहत कायनात तक रहेगी

  • ए काश!

    ए काश !मेरा प्यार भी कोरोना जैसा होता
    हम उन्हें छू लेते और उन्हें भी हो जाता

  • एक और बहाना

    दूर जाने का उन्हें एक और बहाना मिल गया है
    कोरोना वायरस अब मेरी मोहब्बत पर भारी हो चला है

  • बस खमोशियों को

    ना तुम कुछ कहो ना हम कुछ सुनें
    बस खामोशियों को खमोशियों से बात करने दो

  • तेरी आँखों का सुरूर

    तुम लाख बिठा लो पहरे तुम्हारे दर पर आऊंगी जरूर !!
    ना उतरा है ना उतरेगा कभी तेरी आँखों का सुरूर !!

  • खुदा से पूंछ्ना है

    किसी को मिलती है जन्नत की रौनक
    किसी के आशियाने में अँधेरा पसरा हुआ है
    खुदा से पूंछ्ना है मुझे

  • दिल की खेद

    जंग- ए-आजादी के हमसफर
    अब काहे को मतभेद है।
    कूपहि भंग पड़ी है भैया
    यही भाव कचोट रहा
    यही दिल की खेद है।।

  • गहरे जख्म

    ये दर्द के रिश्ते यूँ ही नहीं निभाये जाते
    मुस्कुराना पड़ता है गहरे जख्म खाने के बाद

  • ये कैसा वक्त है

    ये कैसा वक्त है
    शताब्दियों सा लगता है हर पल मुझको
    घड़ी की सुइयां स्थिर ही रहती हैं
    ना जाने क्यूँ

  • जीवन जहर हो गया

    कोई पी के जहर भी
    अमर हो गया।
    किसी का जीवन भी
    यारों जहर हो गया।।
    मौत आई थी जिसकी़
    वो मर न सका।
    मौत की सब गलियाँ
    और शहर हो गया।।

  • रस्सी

    फिक्र कहाँ उस रस्सी को
    जान किसी के जाने को।
    गले लगाया जिसने उसको
    मरने को छोड़ दिया दीवाने को।।

  • शायद

    आँखों में अश्क लिए शायद,मेरे कब्र पे आ गया है कोई।
    मैं नहीं था बे-वफा शायद, यही गीत गुनगुना रहा है कोई।।

  • चिलमन के पार से

    नजर तुम्हारी देख रही है
    मुझको चिलमन के पार से।
    एक दीदार तो दे दो जानम
    मैं भी तो देखूँ तुझको प्यार से।।

  • नाजुक कांच

    क्रोध न करना कभी उन पर
    जो सत्य दिखाने वाले हैं।
    नाजुक कांच है दर्पण में
    जो शक्ल दिखाने वाले हैं ।।

  • ये रूह प्यार माँगती है

    हटा दो चिलमन बीच से
    नजरे दीदार माँगती है।
    नफरत न करना मुझ से
    ये रूह प्यार माँगती है।।

  • समर्पण

    खुद से रुबरू होने के लिए
    दर्पण की जरुरत होती है।
    खुदा से रुबरू होने के लिए
    समर्पण की जरुरत होती है।।

  • तमाम जिंदगी

    तमाम जिंदगी बिता दी मैंने
    तुम्हें मनाने में
    और कितना वक्त लगेगा तुमको लौट आने में

  • तुमको फुर्सत

    तुमको इतनी भी फुर्सत नहीं
    जो मेरा हाल भी नहीं पूंछ सकते
    दर्द दे सकते हो लेकिन
    मरहम नहीं लगा सकते

  • शिक्षा

    संकल्प ले समाज में शिक्षा का संदेश फैलाएंगे
    बेटा हो या बेटी सब को एक साथ पढ़ाएंगे

  • ए साथी

    रुह अधूरे जिस्म अधूरे एक दूजे के लिए।
    तेरा साथ चाहिए ए साथी जन्म जन्म के लिए।।

  • रोक ना पाए

    खुदा का वास्ता भी दिया
    उसे लेकिन रोक ना पाए

  • आज फिर

    आज फिर मुस्कुराने की कोशिश कर
    रात ये कहकर छोड़ देती है

  • रात भर

    रात भर सोंचते रहे तुमको
    जाने कब सुबह हो गई

  • आईना

    आसमान धुंधला नज़र आता है
    आईना तो वही है लेकिन
    चेहरा गमगीन नज़र आता है आसमान
    मिटती बनती रहती हैं रेखायें फिर भी
    नसीब बदलता ना नज़र आता है

  • शब्द

    बस मीठे शब्दों के बाण मारता था
    मुझे पता था वो जालिम बेदर्दी है

  • हमारे आशियाने में

    बस तो जाता गम हमारे आशियाने में
    बड़ा अफसोस है लेकिन फिर निकलता नहीं

  • कोई कब तक जागे

    तुम तो रस्ता ही भूल गए
    तुम्हारे इन्तज़ार में कोई कब तक जागे

  • इस दुनिया में

    इस दुनिया में किसी को वफ़ा नहीं मिलती
    सजा तो मिलती है लेकिन दुआ नहीं मिलती

  • हर सदी इश्क की

    हर सदी इश्क की होती है
    एहसास का कोई मौसम नहीं होता

  • धीरे-धीरे

    पहले तन्हाई बहुत रुलाती है
    धीरे-धीरे आदत सी हो जाती है

  • नौ मिनट के लिए

    नौ मिनट के लिए भूल जा तू हिंदू-मुसलमाँ
    आज इंसानियत के लिये दीप जला दे

  • अगर मैं भूल भी जाऊँ

    अगर मैं भूल भी जाऊँ तो वो याद दिला देती है
    ज़िन्दगी मौत से बद्तर है हर रोज़ सज़ा देती है

  • दिलचस्प है

    दिलचस्प है ये ज़िन्दगी का सफ़र
    एक भी थक जाये तो मंज़िल नहीं मिलती

  • वो एक लम्हा

    वो एक लम्हा चुरा लाया है मेरा दिल
    जिस पल में तू मेरे साथ रहा करता था

  • शनासा

    नहीं रहा अब इस जहान में मेरा शनासा
    कर्ब किसको रो- रोकर सुनाऊँ अपना
    शनासा- परिचित, कर्ब-दुख

  • रग रग में

    मैं तुझे ढूँढता रहा भटककर अग जग में।
    तुम हो कि भटक रहे हो मेरे रग रग में।।

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