ज़िन्दगी में गर किसी को, कोई खाश नहीं रहता।
किसी को आज किसी का, इंतजार ही क्यों रहता।।
Category: शेर-ओ-शायरी
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खाश
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तुम्हारे भोलेपन
तुम्हारे भोलेपन से हीं मुझको बहुत प्यार है।
वरना इस दुनिया में दिल लगाने को बथेरे यार हैं। -
Jindagi
Jindagi ki raho me kahi to daga kha gaye ham , jaha se chale the fir wahi aa gaye ham.🤔
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शायरी
पर्वत से निकली खिल-खिल गंगा
सागर में जाकर शांत हो गई।
जान गई जंजाल में तो
उड़ती चिड़ियाँ भी शांत हो गई।। -
कुदरत की परेशानी
ना छेड़ कुदरत को
कुदरत परेशान हो जाएगी।
इसकी परेशानी के
संग संग तेरी जान जाएगी।। -
हम बीमार हो गए
कुदरत के संग बदफेली के खुद हीं हम शिकार हो गए।
आबोहवा संग धरती भी तो दूषित हो गई और हम बीमार हो गए। -
किस ओर
सीडियाँ अनगिनत चढ़नी पड़तीं हैं,
जब पानी होती है इश्क की मंज़िल । -
किस ओर
किस ओर गया मेरा सुकून
फकत इतना-सा बता दे कोई,
दिन-रात आगोश में रहता हूँ
बेचैनी के । -
दिल ए नशाद!
ले गया दिल ए नशाद! मुझे
जाने कहाँ ,
जब एक निगाह उसने कर दी
मेरी तरफ। -
दिल ए नशाद!
ली गया दिल ए नशाद! मुझे
जाने कहाँ
जब एक निगाह उसने कर दी
मेरी तरफ -
रहने देंगे
रहने देंगे हम तुम्हें लोगों के करीब
तुम खुमार में रह लो थोड़ा शरीक -
जैसा कहिये
जैसा कहिये वैसा करिये
ऐसे लोग जहां में कम ही होते हैं
अपनी कथनी और करनी में
जो कोई फर्क न करे ऐसे लोग
बड़ी मुश्किल से मिलते हैं -
कफ़न
ए मेहज़बी , दिलनशी , मेहक़शी , ए गुलबदन ।
नजरे चार हो उससे पहले ले आए अपनी कफ़न ।। -
फ़िदा
उनका महकना भी एक अजीब अदा है।
इसलिए तो हर शायर उन पर फ़िदा है।। -
ज़हरीली नागन
ए ग़ालिब जरा जरा देख तो सही,
कहीं वो वही बे -वफा तो नहीं।
जो कभी दिल के बदले दर्द दिया था,
कहीं वो वही ज़हरीली नागन तो नहीं।। -
जवानी
माना अपनी जवानी पे जोड़ नहीं।
फिर भी हम किसी से कम नहीं।। -
प्रेम का आगोश
नजरों से बातें होती है
और जुबान खामोश है।
अजीब सी दुनिया है ये
मधुर प्रेम का आगोश है ।। -
बरखा रानी
तन मन 💕 में आग 🔥लगाए ए जलता पानी।
जरा थम थम के बरस ए बरखा रानी । । -
बयार
पूरब से बही सावन के बयार। झूम के आयी बरखा बहार।।
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इबादत
तेरी यादों में डूबी रहती हूँ ,
तेरे इश्क को ही मैं इबादत कहती हूँ । -
सावन के बूंद
सावन के एक एक बूंद गिरा जो मेरे होंठों पे।
कैसे बयां करू अपनी उल्फतें दासतां सुर्ख होंठों से।। -
सिस्कियाँ लेता रहा मैं
सिस्कियाँ लेता रहा मैं
उसकी याद में रात भर
वो पानी पी-पीकर
हिचकियाँ लेती रही । -
माँ मैं तेरे बिन
अकेला रह जाऊँगा माँ
मैं तेरे बिन
तू छोड़ कर ना जाना मेरा दामन -
वापस आया तो
जब पहुँचा था उनसे मिलने मैं
बड़ा जोश में था ,
वापस आया तो लुटी हुई दुनिया लेकर । -
धरती यह बोले
यह धरती बोले
काँटे मत बोना हे मानव!
फूल ही फूल उगाना
बन कर महक तू
हर ह्रदय को
महकाना -
थोड़ी मोहलत
खुदा! अगर थोड़ी मोहलत
और दे मुझे तो
मेरी तकदीर में
कितनी मोहब्बत लिखी है
देखना चाहती हूँ मैं । -
Geet
Geet ban kar gungunauga mai tumhare kaano me
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लाखपति कोरोना
तुम लाखपति हो गए कोरोना
आखिर मेरे भारत में।
हम मध्ययबर्गी मिल गए देखो
आज कितने गारत में।। -
दिल का जहान
जीत कर दिल का जहान
हार गया सब कुछ
खुश बहुत हूँ मगर
खुद से हैरान बहुत हूँ मैं । -
मोक्ष की माया
तेरी मोक्ष की माया को समझें
हम इतने सक्षम नहीं भगवान
जब मानव थे तो हमने हरि
जब मोक्ष मिला तो हरी में हम -
दिलवाले
मिट जाओगे , पाक मुहब्बत को खाक में मिलाने वाले।
आसमान के, कदमों पे झुका देंगे हम है वो दिलवाले।। -
ज़ुल्मी जमाना
मुहब्बत (💘) के गुनहगार जरा होश में आ जाओ।
कब्र खोदे हो किस के लिए जरा यह तो बताओ।। -
बे-रहम
शीशे से बेरहम पत्थर को तोड़ता रहा ।
मेरे रकीब मुझ पर तोहमत लगाता रहा।। -
रूठी नहीं होती
माँ की ममता कभी भी झूठी नहीं होती।
रूठी होकर भी कभी माँ रूठी नहीं होती।। -
शायरी
आज के इस दौर में
उल्फत के हर रस्म झूठे लगते हैं।
अपने घर में भी सभी
एक दूजे से रूठे-रूठे लगते हैं। । -
मधुसूदन
मधुसूदन के चरणों में है सारा संसार
होंठो पर मुस्कान है और
दिल में प्रेम अपार -
जेठ की गर्मी
चिलचिलाती धूप और भयंकर गर्मियां
व्यापित है इस जेठ में ।
दशा बताये क्या प्राणियों की छाया भी
जाए छाया की हेठ में।। -
नकाब
एक नकाब है चेहरे का ,दूसरा नकाब है हिजाब का।
हमने कयी गुलाब देखे है पर ,देखा न चेहरा जनाब का।। -
शायरी
देश धर्म के ख़ातिर
है अपनी जान हथेली पे।
वीर सिपाही हैं हिन्दी
हम कुर्बां जन्महवेली पे।। -
शायरी
तीर किसी को घायल करके
बोलो कब पछताता है?
कड़वा बोल कहो दुनिया में
कब भला काम कर पाता है?? -
शायरी
देख अनीति को चुप रहना
सचमुच एक अनाचार हुआ।
पाठ अहिंसा का पढ़ाकर
खुद हिंसा का शिकार हुआ ।। -
शायरी
ये समाज है
जिसका क्या ठिकाना।
किसी को मान दे
किसी को दे अपमाना।। -
पेड़
पेड़ रहे नित धूप में
बाँटे सबको छांव।
ऐसे हीं परोपकार में
लगे हाथ और पांव।। -
शायरी
कौन कहता है कि दिल में सुराग
नहीं होते।
गर ना होते तो बेवफा कभी फरार
नहीं होते।। -
अन्ताक्षरी
दिल की बात दिल में ही रह जाती है
रात खामोश हो कर भी बहुत कुछ कह जाती है -
खुशनसीब
इम्तिहान -ए-इश्क़ में सारे शरीक होते हैं।
जो पास हो गए वही तो खुशनसीब होते हैं।। -
मेरे अल्फाज
तुम्हारे नजर- ए-रहम से
तेरे,सब मीत बन जाते हैं।
मेरे अल्फाज तेरे लबों से
छूकर गीत बन जाते हैं।। -
अपनी खता
किसी को अपनी खता दिखाई नहीं देती
जिस तरह तिमिर में दिखाई परछाई नहीं देती -
कैसी खता?
ए सनम कहाँ खो गये हो ।
बोलो न ए सनम कहाँ खो गये हो।।
किस खता की सजा हमने पायी।
एक मर्तबा बता तो दे ए हरजाई।। -
मुहब्बत के कई रंग
मुहब्बत के कई रंग देखे हैं।
जो भी मिला उसे तंग देखे हैं।
यूँ तो बड़ी सुहानी है ये दुनिया
पर कहीं खुशी तो कहीं गम देखे हैं।।