Category: शेर-ओ-शायरी

  • नसीहत

    ऐ फूल मेरे बाग के
    खुद को लपेट ले।
    आ रही है तितलियाँ
    खुशबू समेट ले।।

  • वक्त

    वक्त भी एक शिक्षक है
    जो देता सच्ची शिक्षा।
    वक्त का सम्मान किया जो
    नहीं मांगेगा कभी भिक्षा।।

  • देश की मिट्टी

    मैं नहीं रहा अफसोस नहीं
    उस त्याग की भट्टी में जलकर
    मैं देश की धमनी बहता हूं
    इस देश की मिट्टी में मिल कर

  • वीरांगना शक्ति

    त्यागा श्रृंगार ले नयन अंगार
    क्या खूब वीरांगना शक्ति है
    अब पूत खड़ा किया सरहद पर
    क्या प्रबल राष्ट्र की भक्ति है

  • महफिल

    जाने के बाद तुम्हारे
    हम दोस्त तो बनाते हैं
    वो महफिलों में खो जाते हैं
    हम फिर अकेले हो जाते हैं

  • ऐतबार

    वो झूठ बोल रहा था बहुत सलीके के साथ
    मैं ऐतबार ना करती तो क्या करती

  • Baat

    न जाने किस मोड़ पर उनसे अब मुलाकात होगी।

    दोस्तो! बताओ फिर कैसे बीते लम्हों पर बात होगी।।

  • अंदाज

    उसके छोडने का अंदाज कुछ ऐसा था
    मेरे प्यार पर इलज़ाम कुछ ऐसा था
    ना वजह थी कोई ना बहाना था
    उसे तो बस मुझे छोडकर जाना था
    शायद मेरे किसी अपने का वो दीवाना था
    मैं भी मजबूर थी वक्त के आगे
    तुम्हारी खुशी के लिए छोड दूंगी तुम्हे
    उससे किया ये वादा जो निभाना था

  • कौन

    मेरी कोशिशों को नाकाम करके तुझे क्यो अच्छा लगता है।
    तेरे जहन मे ये जलन का मुद्दा ही क्यो चलता रहता है।।
    है हिम्मत गर तुझमे तो तू कदम क्यो न आगे बढाता है।
    तब देखूं मेरे सिवा तुझे कौन अपना नजर आता है।।

  • तू

    तू आया तो बसन्त है….।

    तू गया तो बस अन्त है।।

  • कुफ्र

    अतीत के फफोले
    तेजाबी बारिश
    दहकते लावे की तपिश
    या कोई आतिश
    ताउम्र का सबक
    बस एक कुफ्र।
    निमिषा

  • सीरत

    कोई दिल दरबारे खास बने
    तो जान निछावर करते हैं
    हमें सूरत की प्रवाह नहीं
    सीरत से मोहब्बत करते हैं

  • हम तुमसे दफा नहीं होते

    प्यारे कभी बेवफा नहीं होते।
    अपने कभी खपा नहीं होते।
    ऐ वक्त हमसे खपा मत होना
    क्योंकि हम तुमसे दफा नहीं होते।।

  • गज़ल

    गज़ल
    ——-
    जहर यह उम्र भर का
    एक पल में पी लिया हमने।
    तुम्हारे साथ जन्मो जन्म रिश्ता जी लिया हमने।

    1.मुकम्मल ना हुआ तो क्या
    इश्क को जी लिया हमने
    कहते हैं आग का दरिया
    डूब कर देख लिया हमने।

    2.चिरागों की जरूरत क्या पड़ेगी हमको ए कातिल,
    जलाकर खुद का दिल ही आज कर ली रोशनी हमने।

    3. तुम्हारे बक्शे जख्मों को हरा रखना ….
    आदत बना ली है
    जो गहरे घाव है दिल के सजा कर रख लिए हमने।

    4.सितमगर इश्क़ ने तेरे हमें सूफी बना डाला,
    खुदा की आयते पढ़ते है वैसे तुझको पढ़ डाला।

    5. जलालत तेरी खातिर दुनिया भर की सह गए हम तो,
    जहर के प्याले भर -भर चाशनी सा पी लिया हमने।

    6. बड़ी ही खूबसूरत अब तेरी मेरी कहानी है
    किसी से पूछना क्या!
    पूरी कायनात गुलाबी है।

    7. रूह तो साथ है तेरे
    अकेले से जिए जाते,
    ख़ुदा अब बख्श दे कुछ चैन ओ सुकून इश्क के मारो को।

    निमिषा सिंघल

  • मोहब्बत

    तुम आए भी ओर चले गए
    मोहब्बत की सजा दे ही गए
    ना इजहार किया ना इकरार किया
    बस खामोशी से दिल को तार तार किया
    गलती तुम्हारी नही हमारी है
    जो अपनी बेवफा किस्मत पर
    फिर से ऐतबार किया

  • आखिर क्या बदला

    🥀आखिर क्या बदला बेटी के लिए 🥀

    जब पिता की तरफ से दहेज आता था तो पति कहता था तो कितना लाई तेरे आने पर
    पति की तरफ से दहेज आता है तो पति कहता है मैंने कितना दिया तुझे लाने पर

  • ज्ञान की वैशाखी

    💐 शायरी 💐

    पंछियों के बगीचे आसमान में होते हैं
    बुद्धिमानी के चर्चे जहान में होते हैं
    उठाकर जो चलते हैं ज्ञान की वैशाखी
    हजारों सितारे उसकी शान में होते हैं

  • Bewafa

    हम उन्हे और भी ज्यादा चाहने लगे।

    जब से वो हमे बेवफा नजर आने लगे।।

  • वियोग

    नब्ज देख के बतला दो
    मुझे कौन-सा रोग है।
    दिल में तुझे बसाकर भी
    आखिर क्यों वियोग है।।

  • ज़रिया

    बूँद-बूँद से मैं दरिया बन जाऊँ।
    तिश्नगी का मैं ज़रिया बन जाऊँ।
    डूबाने की मंशा बिलकुल नहीं है,
    ज़िन्दगी का मैं नज़रिया बन जाऊँ।

    देवेश साखरे ‘देव’

  • Need nahi aati

    नींद अक्सर आती नही है रातो मे,
    मन उलझा रहता है अजीब बातों में।

    बहुत उधेड़बुन है यार हमारी जिन्दगी मे,
    आपसे अपना हाल कहते है हकीकत मे।।

  • खुशबू

    नित भाव मन मे उमड़ रहे है
    किन्तु लेखनी साथ न देती।

    चहुँओर खुशबू को है बिखरना
    परन्तु सरल समीर साथ न देती।।

  • साथ न देती

    नित भाव मन मे उमड़ रहे है
    किन्तु लेखनी साथ न देती।
    खुशबू है चहुँओर बिखरने को तैयार
    पर ये बेवफा पवन साथ न देती।।

  • दिल रोक लेता है

    रोज सोचते यही है उनसे
    तोड़ देंगे सारे नाते

    याद में उनकी नहीं कटेगी
    रो-रोकर मेरी रातें

    फ़ैसला जब करते हैं
    हम दिल रोक लेता है

    मेरी याद से बहे समंदर
    घुटती हूं अंदर ही अंदर

    दर्द है जब हद से बढ़ जाता
    दिल रोक लेता है

  • इबादत

    पता नहीं इबादत
    के किस मोड़ पर हूं
    तेरी जरूरत भी नहीं
    तेरी कमी भी है
    होठों पर हंसी और
    आंखों में नमी भी है
    तेरे जाने का मलाल भी नहीं
    तेरे आने का इंतजार भी है

  • Mausam

    ये ठण्ड है कि बरसात कुछ समझ नही आता,
    कि मौसम ले रहा है रोज इतनी अंगडाईयां।
    खुश है कि रूठा हुआ है किसी से,
    इसकी अदाओ को कोई क्यो समझ न पाता?

  • नहीं पड़ता फर्क अब मुझको

    पहले पढ़ता था फर्क
    तूफान आते जाते थे
    जबसे गहराइयों से नाता जोड़ा है
    तेरे ध्यान में मग्न हो
    भीड़ में भी संसार से नाता तोड़ा है।
    निमिषा सिंघल

  • Love poetry shayari

    कभी किसी के सामने वफ़ा का नाम मत लेना !
    कभी.. किसी के सामने वफ़ा का नाम मत लेना !
    मेरे यार… बदनाम हो जाओगे !
    ये मोहब्बत की बिमारी
    ये… मोहब्बत की बिमारी है ही कुछ एसी
    कि तुम ला..ख छुपाओगे..
    मगर सरेआम हो जाओगे !! :- सोमू सोमनाथ आचार्य

  • ऑनलाइन इन्कार

    उनका प्यार से इनकार करना भी अब तो ऑनलाइन है।
    अब ये कौन सी डिजिटल इंडिया की नयी गाईडलाईन है।।

  • एकता का मोल

    पानी और दूध की दोस्ती है अनमोल।
    “विनयचंद “ये साथ हो बिके एक हीं मोल।।

  • दूध और पानी

    पानी और दूध का एक नहीं रंग रूप।
    आकर दोनों साथ में बन जाये समरूप।।

  • Aadat

    दर्द को छुपा कर जीना मेरी आदत सी हो गई है
    भीगी आँखों के साथ मुस्कुराना मेरी आदत सी हो गई है
    मर चुके है जजबात मेरे दिल के
    फिर भी टूटी ऊमिदों के साथ जीना मेरी आदत सी हो गई है

  • Vaade

    Meri jindagi me aake mujhe apna bna ke
    Usne tode the sare jo kie the vaade

  • चंदन

    काट दो कुल्हाड़ी से
    फिर भी खुशबू हीं दूँगा।
    मैं तो मलयाचल का चंदन हूँ
    कुछ भी दाम नहीं लूँगा।।

  • love shayari

    अच्छा हुआ जो तुम…
    न आये मेरे जनाजे में ,
    आज तो दफना ही दिया जाता हमें… जनाब !
    अगर वक्त पर हिचकियाँ न आती !! :- सोमू आचार्य

  • Mohabbat

    Tu ruthta raha mai har baar tujhe manati rhi
    Apne dil ki khawaishon ko dil me jalati rhi
    Ye mukkamal mohabbat ki dastan hi kuch aisi thi
    Tu har baar mujhe thukrata raha
    Or mai har baar tujhe bepanah chahti rhi

  • नव वर्ष में

    दिल में खुशी हो और होंठों पर हँसी हो
    जीवन बीते आपका सदा सर्वदा हर्ष में।
    मंगल हीं मंगल हो और सुखकारी बीते
    हर दिन हर पल हर मास इस नव बर्ष में।।

  • जब तक साँसे चली…

    जब तक साँसे चली…

    जब तक साँसें चली
    गैरों ने गुंजाईश रखी
    हमे जलाने की…
    कि जब धङकन थमी तो
    अपनों ने जला दिया !! :- सोमू आचार्य

  • मैं..

    अपनी शाम को शमा पर
    लुटाने निकला परवाना हूँ मैं !
    जीता हूँ जिसके लिए, मरता हूँ जिसके लिए…
    उसकी हर हरकत का अफसाना हूँ मैं !!

  • बीस बन गया

    देख देख यारा मेरा टीन एज खतम हो गया।
    साल बीसा मैं बनके सबसे बीस बन गया।।

  • खास बना ले

    तुम अपने दिल की प्यास बना ले।
    अलविदा कहने से पहले इतिहास बना ले ।
    जा रहा हूँ मैं कहके ऐ मेरे दोस्त
    आने वाले बरस को कुछ खास बनाले।।

  • जिंदगी के किनारे

    जिंदगी के किनारे रहकर जिंदगी गुजार दी
    मझधार में आये तो जिंदगी ने दबोच लिया

  • इश्क़

    इश्क मे अब और क्या बाकी रह गया।
    हमने तो आपसे दिल लगाकर देख लिया।।

  • क्या कहर है सर्दी का

    क्या कहर है सर्दी का आजकल
    राजनीति की गर्मी भी इसे ठंडा नहीं कर पाई

  • राधे राधे

    पूछो न हाल कृष्णा का…

    सब कुछ राधे राधे है।

  • नसीहत

    जो ठहर जाए वो हवा नहीं होती,
    दुनिया में हर मर्ज की दवा नहीं होती ।
    विनयचंद खुद सम्हाल अपने दिल को ,
    क्योंकि यहाँ अदा- ए-वफा नहीं होती।।

  • डर

    डर

    अँधेरे में हवा का झोका भी बनकर साया सा नजर आता है ! जब दिल-ओ-दिमाग खो दे सुध… तब मेरे यार.. अच्छा खासा *चोराया भी प्रेतघाटी कि माया सा नजर आता है !! *(चोराया=चौराहा) मुठी भर भीङ से क्यों घबराते हैं , जनाब ! जो डर जाए… अरे ! जो डर जाये उसे तो कुत्ते भी डराते है , जनाब !!

  • फ़ासले

    गमे-जुदाई किसी से बाँटी नहीं जाती।
    बगैर तेरे ये रातें अब काटी नहीं जाती।
    मिटा दो फ़ासले, जो हमारे दरम्यान है,
    गहरी कितनी खाई, जो पाटी नहीं जाती।

    देवेश साखरे ‘देव’

  • चाय

    दिल को अपने जलाकर भी इश्क़ करता है।
    कुल्हड़ ही है जो गर्म चाय पर मरता है।।

  • तलब

    तबल ऐसी कि साँसो में
    बसा लें उन्हें किस्मत ऐसी
    की दीदार को मोहताज हैं हम।

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