Chand sa mukhara hai tera

चांद सा मुखड़ा है तेरा,
समंदर से गहरी है आंखें तेरी,
जुल्फें हैं घनेरी तेरी
जो बिखर जाए तो
दिन में रात हो जाए,
चाल है मतवाली तेरी
जिस पर किसी का भी
दिल फिसल जाए,
क्या नूर पाया है तूने,
कयामत हो तुम बस कयामत हो,
ऊपर वाले ने फुर्सत से बनाया है तुझे,
क्या कमाल हो तुम बस कमाल हो,
तुझ पर मेरा दिल आया है,
बस इतनी सी गुजारिश है मेरी,
कुबूल कर लो मुहब्बत मेरी |


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11 Comments

  1. राम नरेशपुरवाला - October 30, 2019, 6:53 am

    वाह

  2. nitu kandera - October 30, 2019, 11:27 am

    Nice

  3. Kumari Raushani - October 30, 2019, 7:42 pm

    सुन्दर रचना

  4. महेश गुप्ता जौनपुरी - October 30, 2019, 9:52 pm

    वाह बहुत सुंदर

  5. NIMISHA SINGHAL - October 30, 2019, 11:45 pm

    Wah kya khub

  6. Abhishek kumar - November 24, 2019, 11:59 pm

    सुन्दर

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