Dil chahta hai

दिल चाहता है,
ऊरू बादलों संग,
चलूं हवाओं के संग,
भूल के अपने सारे गम,
ऊरू मै गगन में चिड़ियों के संग,
करूं मैं बातें उनसे पल भर,
सुख और दुख है जिंदगी के पल,
क्यों न खुल के जिए कुछ पल,
तोड लू नाते मैं गम से अपने,
जोड लू मै खुशियों के पल,
खुशियां ही खुशियां
हो दामन में मेरे,
बस जी लूं मैं पल भर |


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11 Comments

  1. महेश गुप्ता जौनपुरी - October 30, 2019, 9:52 pm

    वाह बहुत सुंदर

  2. NIMISHA SINGHAL - October 30, 2019, 11:44 pm

    Achcha khyal

  3. Kumari Raushani - October 31, 2019, 5:22 am

    उम्दा पोस्ट

  4. nitu kandera - October 31, 2019, 7:22 am

    Nice

  5. Abhishek kumar - November 24, 2019, 11:57 pm

    वाह

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