एक आवाज देकर,
मुझे बुला लो तू सनम,
दौड़ी चली आऊंगी,
कुछ नहीं सोचूंगी सनम,
तूने अब तक मुझे,
पुकारा ही नहीं,
तूने अब तक मुझे,
ठीक से जाना ही नहीं,
मैं तो तेरे प्यार में,
गिरफ्तार हूं सनम,
बस एक तेरी आवाज
देने की जरूरत है सनम,
तुम भी मुझे प्यार करो,
तो दुनिया मेरी संवर जाए सनम,
तेरे बिना जीना गवारा नही है सनम |
Ek abaj dekar mujhe bula lo lo
Comments
12 responses to “Ek abaj dekar mujhe bula lo lo”
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very nice.
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Thanks
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Good
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Thanks
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Nice
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Thanks
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Good
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Thsnks
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Good
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Thanks
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वाह बहुत सुंदर
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Wow
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