वो कोई नादान थोड़े है! Entry for “Poetry on Picture Contest”

Entry for “Poetry on Picture Contest”

ღღ_हर लम्हा, हर लफ्ज़, बस एक ही आरजू;
अरे, दुनिया में बस वही, एक इंसान थोड़े है!
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याद करते रहते हो, रात-रात भर उसको;
अरे, सुबह को उसके बारे में, इम्तिहान थोड़े है!
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गर दूर जा रहा है वो, तो जाने भी दो साहब;
अरे, एक शख्स ही तो है, पूरा जहान थोड़े है!
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जो भी किया है उसने, जानबूझकर किया है;
आखिर दर्द से तेरे, वो कहीं अंजान थोड़े है!
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दर्द देता है वो बेशक, पर मज़ा भी तो देता है;
अरे मासूम है वो साहब, कोई बे-ईमान थोड़े है!
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कब्ज़ा किये बैठा है, और किराया भी नहीं देता,
अरे, मेरा दिल है साहब, उसका मकान थोड़े है!
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क्या ताकते रहते हो, यूँ आसमान में साहब;
अरे, बैठा हुआ ऊपर, कोई भगवान थोड़े है !
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मोहब्बत में तो ये सब, होता ही रहता है “अक्स”;
अरे, शिक़ायतों से क्या होगा, वो कोई नादान थोड़े है!……‪#‎अक्स‬

Comments

7 responses to “वो कोई नादान थोड़े है! Entry for “Poetry on Picture Contest””

    1. Ankit Bhadouria Avatar
      Ankit Bhadouria

      thank uuu Panna ji !!

  1. Ajay Nawal Avatar
    Ajay Nawal

    laazbaab bro 🙂

    1. Ankit Bhadouria Avatar
      Ankit Bhadouria

      Thaaaanq uuu Ajay ji !! 🙂

  2. Mohit Sharma Avatar
    Mohit Sharma

    क्या ताकते रहते हो, यूँ आसमान में साहब;
    अरे, बैठा हुआ ऊपर, कोई भगवान थोड़े है ! Suhan Allah

    1. Ankit Bhadouria Avatar
      Ankit Bhadouria

      bht-2 shukriya Mohit bhai!!

  3. राम नरेशपुरवाला

    Good

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