मेरी प्यारी बहना
September 6, 2019 in शेर-ओ-शायरी
मैं भाई नहीं तेरा फिर भी तू मेरी बहन है,
मैं हूँ काया दिलों का जिसकी तू जहन है,,
मेरी मौत को मैं खुद सलाम करता हूँ,
मैं राख हूं दीदी जिसकी तू दहन है।
Rajjnneesh
I love my Pratibha didi
September 6, 2019 in शेर-ओ-शायरी
मैं भाई नहीं तेरा फिर भी तू मेरी बहन है,
मैं हूँ काया दिलों का जिसकी तू जहन है,,
मेरी मौत को मैं खुद सलाम करता हूँ,
मैं राख हूं दीदी जिसकी तू दहन है।
Rajjnneesh
I love my Pratibha didi
September 6, 2019 in शेर-ओ-शायरी
तू खोल खिड़की, कुछ लाया हूं तेरे लिए,
नाराज मत हो बहन, बस आया हूँ तेरे लिए,,
मैंने खरीदे है दीपक की रोशनी तेरे प्यार के,
आगन इससे सजाया हूं बहन बस तेरे लिए।
Rajjnneesh
I love my Pratibha didi
September 6, 2019 in शेर-ओ-शायरी
दुनिया की सबसे पुरानी तेरी मेरी प्रीत
मैं हूँ तेरा Pagal भैया तू है मेरी दीदी
आप दुनिया के सबसे अच्छे दीदी ho
I love you Pratibha didi
September 5, 2019 in शेर-ओ-शायरी
मुझे है मुहब्बत बहन से अपने
मेरे बहन जैसा कोई बहन दुनिया मे नही
वो मुझे बहुत प्यार करती है
दीदी मेरी दुनिया तेरे आंचल मे
I love my Pratibha didi
बहुत प्यार करते है हम आपसे
September 5, 2019 in शेर-ओ-शायरी
न कोई चेहरा न, कोई गगन चाहिए,
मुझे तो बस अपनी बहन चाहिए।
I love my Pratibha didi
I love you very very very much infinite.
I can’t express in words
September 5, 2019 in शेर-ओ-शायरी
न रिश्ता कोई हमसा, फिर भी वही लगाव है।
वो है मेरी पागल बहना , येसा मेरा भाव हैl
Rajneesh
September 5, 2019 in शेर-ओ-शायरी
भाई नहीं कोई उसका,
मगर मुझे भाई कहकर बुलाती है।
जब जब याद आती है मुझे उस बहन की,
आँसू खुद बा खुद निकल आती है।।
Rajjnneesh
September 5, 2019 in शेर-ओ-शायरी
रह जाता हूँ याद करके तस्वीर किसी की,
है मेरी जैसी न है तक़दीर किसी की,,
उलझन में भी आता है हमे इक समझ,
उड़ा देती है होश मेरे तीर किसी की।
Rajjnneesh
September 5, 2019 in शेर-ओ-शायरी
मेरे कानो को गीत सुनाता रहा कोई,
था दूर मैं पास बुलाता रहा कोई,,
नींद आती नहीं थी बग़ैर देखे उसे,
हाथो मे लिए तस्वीर सुलाता रहा कोई।
Rajjnneesh
September 3, 2019 in शेर-ओ-शायरी
नदिया का पानी था मीठा, उसे खारा समझा,
मेरे अन्दर के दर्द को उसने पारा समझा।
नज़र न लगे इसलिए देखते नहीं थे,
उसने तो मुझे गालियों वाला आवारा समझा।
September 3, 2019 in शेर-ओ-शायरी
हमे कोई अपना, तो कोई पराया समझा,
हूँ मैं काली रात, मुझे खौफ का साया समझा।
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