बुरा वक्त हैं
October 9, 2020 in हिन्दी-उर्दू कविता
अक्सर इल्ज़ामात पर इल्ज़ाम लगाते हैं
हम बोलते नहीं, बस चुप रह जाते हैं…
बता दूं.. बुरे हम नहीं, बुरा हमारा वक़्त है
वो कहता है बेवफ़ाई की है
कहता है बेवफ़ाई की है
जिस दिन सीधा वक़्त आएगा…
खुलकर बताएंगे कि बेवफ़ा हम नहीं,
बेवफ़ा हमारा वक़्त है
लोग कहते हैं बदले बदले से लगते हों
बदले बदले से लगते हों
बता दें बदले हम नहीं, बदला तो हमारा वक़्त है।
कि बुरे हम नहीं,बुरा हमारा वक़्त हैं।
HEMANKUR❤️