Sarmsar ho rahi aye pavan dhartiti

आज शर्मसार हो रही यह पावन धरती,
नीलाम हो रही मां बहनों की इज्जत,
भटकते इन भूखे भेड़ियों से,
है निवेदन सभी माताओं से,
संस्कार दे बच्चों को ऐसी,
जो दूषित न करे समाज को,
वो भविप्य अपना उज्जवल करें,
साथ ही दूसरों का भी साथ दे,
करनी होगीं प्रतिज्ञा कडी,
कोई भी न बने संस्कारविहीन,
तभी निखरेगा भारत महान |


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12 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - December 6, 2019, 5:51 pm

    उत्तम

  2. Abhishek kumar - December 6, 2019, 7:03 pm

    Good

  3. देवेश साखरे 'देव' - December 6, 2019, 8:22 pm

    सुन्दर

  4. Ashmita Sinha - December 6, 2019, 10:56 pm

    Nice

  5. Pragya Shukla - December 9, 2019, 8:45 pm

    Good

  6. Abhishek kumar - December 14, 2019, 5:39 pm

    सुन्दर रचना

  7. Abhishek kumar - December 21, 2019, 10:17 pm

    Best

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