गजल- कोरोना शैतान क्यो है | काफिया – आन ,रदीफ़ – क्यो है खौफ मे कोरोना से इंसान क्यो है | घर अपने आदमी परेशान क्यो है | हुआ लॉक डाउन लॉक घर मे रहो […]

भोजपुरी गीत- अब कोरोनवा ना | मिले कईसे आई सजनी तोर भवनवा ना | डर लागे हमके पड़ल पीछे अब कोरोनवा ना | ढेर दिन बीतल तोहसे मिले नाही पवली | तरस गईले नैना तोहके […]

शिखर धरा, गगन, मृदुल पवन हिले तेरी एक हूंक से, जो तू चले बिना रुके मंजिलें दिखे तुझे। समुंद्र भी दे रास्ता जो तू कहे जब गूंज से, चमकीला हो ये आसमान पसीने की तेरी […]

युवा पीढ़ी रचो इतिहास लिखो शौर्य की अद्भुत कहानी देश को भय मुक्त करो। भ्रष्टाचार, दुर्दभ्य दानवता के खिलाफ नए युग का सृजन करो। आओ युवा पीढ़ी! नारियों को अत्याचारों से मुक्त करो। हे राष्ट्र […]

उम्मीद की किरण जगमग आई है, आज फिर याद मुझे तेरी ओर लाई है। जमाने की तपिश, जिम्मेदारियों का बोझ.. सहते -सहते दबी राख सुगबुगाई है। तपती मनस्थली पर स्नेह की बूंदे छलकी, सूखी धरती […]

स्त्री ऐसी वाणी है हर भाग में पायी जाती है ये तो ऐसा गीत है जो हर राग में गाई जाती है पिता और भाई के संरक्षण में रहती है संरक्षण में वह रहती है,शासन […]

जो इंसानियत की दुश्मन बन जाये, वो जमाअत कैसी। खुदा ने भी लानत भेजी होगी, इबादत की ये बात कैसी। खुद की नहीं ना सही, अपनों की तो परवाह कर लेते, जिन्हें अपनों की परवाह […]

हिन्दी कविता- समय गिन रहा | लोक डाउन हुआ है हर कोई समय गिन रहा है | खत्म कब होगा बाहर का बनवास | हर कोई समय गिन रहा है | खाये जा रहा डर […]

भोजपुरी गीत – तनी कोरोनवा से बचके | चला गोरी तनी कोरोनावा से बचके | जइहा बजरिया रईहा लोगवा से हट के | चला गोरी तनी कोरोनावा से बचके | जइबु जे बज़रिआ कोरोनवा लगी […]

भोजपुरी गीत -उनके नजरवा से | जान मारेली उ हमसे अँखिया लड़ाइके | जियरा जुड़ावेली हमसे दिलवा लगाइके | होसवा उड़ल बा हमार देखी उनके कजरवा से | बरछी धंसल बा हमरे दिलवा उनके नजरवा […]

हिन्दी कविता – दिये जलाए | आज भारत ने खूब दिये जलाए | अपनी एकता का परिचय दिखाये| जल कोरोना भस्म हुआ या नही| है संकट मे फिर भी जस्न मनाए | घरो बंद जिंदगी […]

धर्म-जाति से परे हिंदी कविता एक भयावह महामारी पर  लिखना नहीं चाहती थी  पर लिखना पड़ा  कहना नहीं चाहती थी  पर कहना पढ़ा  आज कल जो माहौल है  उसे देख ये ख़ामोशी तोडना पड़ा  जब हम […]

हमारा आशियाना एक वादी बन गया है फिलहाल अब घर के सामान हमारे मित्र हो गए एक सुंदर वादियों सी गूंज रही आवाज थी पुन्ह हमसे जो टकराई तो हम चित हो गए हमसे किसी […]

भोजपुरी गीत- तोहरे प्यार बिना | गोरी तोहरे प्यार बिना दुनिया अन्हार बा | मिलबु ना जबले तबले जियल बेकार बा | प्यार सबके बांटेलु खाली हमरे के डांटेलु | चिट्ठिया हमार गोरी हंसी हंसी […]

भोजपुरी गीत- नींदिया भईल फरार | नींदिया भईल फरार जान जबसे तोहसे प्यार हो गईल| जियल भईल मुहाल नैना जबसे चार हो गईल | जईसन बा हाल हमरो तोहरो भईल का | रात दिन खयाल […]

हिन्दी कविता- जीवन ज्योत जलेगी | आज जीवन ज्योत जलेगी मानव प्राण भरेगी | छाई दुविधा कोरोना भारत तिल तिल मरेगी | वतन की एकता आज दुनिया सारी देखेगी | आई जो विपदा वायरस जगत […]

हे कान्हा ! मैं तेरी जोगन जोग ना छूटत मेरो ……………….. रोम-रोम में बसत है तेरो प्रेम अनमोल रतन …………………. हे कान्हा ! मैं तेरी जोगन जोग ना छूटत मेरो …………………. माखनचोर चोर तू है […]

मुझमें अभी तक तू ज़िंदा है मेरी तन्हाई में,मेरे एहसास में मेरी हर सांस में अभी तक ज़िंदा है तू ——————-‐— दिल की ज़मी में आज भी उगते हैं तेरी तमन्ना के दरख्ते ———————– रोशन […]

सावन में सावन में, एहे बरस के सावन मे आवऽ न गोलकी झूला झूलाईं एहे बरस के सावन मे सावन में सावन में , एहे…………………………………….. आवऽ न गोलकी झूला झूलाईं………………………….. +++++++++++++-+++++++±+++±+++ साजन बऽनऽब हम सजनी […]

सुनो! तुम सागर की तरह क्यों लगते हो? शब्दों में गहराई बहुत है मानसिक द्वंद छिपाने में चतुराई बहुत है। बाहर से एक शांत सतह भीतर गहरे तूफ़ान से लगते हो। प्रेम में हारे हुए […]

एक एक चीज का गिन गिन कर हिसाब लेने वाली वो लड़ाकी बन जाती है ढाल अपने भाई की। मां और पापा ने भाई को किस बात पर बिना वजह डांटा यह बताने वाली भी […]

पेश है आपकी खिदमत में:- गज़ल आज कल सोंचता बहुत है दिल ये मेरा तुझे भूलूँ या कैद दिल में करूँ ———————— दिल लगा लूँ या जान छुड़ा लूँ तुमसे आज कल सोंचता बहुत है […]

चलो सब मिलकर जीत दिलाएं कोरोना को हरायें पाँच अप्रैल को सब देशवासी घर में दीप जलाएं दीप की ज्योति से अपना घर सँसार सजाएं चलो सब मिलकर जीत दिलाएँ थू है उनपर जो जमाती […]

आश लगाई , दूर मेघालय में कर्जा लाया, बीज लगाया खेतो खलियानो में……… बीता सावन ,भादो आया न आया बादल, खेतो खलियानो में…….. बीती रात, टूटी आश, बैठा किसान, खेतो खलियानो में……. कुऐ सुखे, धरती […]

वाह भाई मजहब के ठेकेदारों क्या खूबी फर्ज निभाया है दुश्मन लगी है मानव जाति और काल को मित्र बनाया है कभी उनकी फिक्र भी कर लेता जिसे तेरी फिक्र सताती है कहीं कोई खड़ा […]

कर ले अखंड प्रतिज्ञा तू कर खंड खंड उस दहशत को जिससे यह विश्व है कांप रहा हौसलो से कर तू परस्त उसको तू दूर भ्रम का भूत भगा दहशत की नहीं जरूरत है असंयम […]

आस्था के कमल ——————– प्रेम और विश्वास के दरिया में ही खिलते हैं आस्था के कमल। तुम खरे उतरना इस विश्वास पर ना मुरझा पाए यह कमल स्मरण रहे। जीवन, यौवन सौंप दिया है तुम्हे […]

भोजपुरी देबी गीत 3 – शक्ति बड़ा भारी | काली मईया तोहार शक्ति बड़ा भारी | हरला हर दुखवा हमरो सुना विनती हमारी | सगरो जगत मे चर्चा तोहरो खाली होखेला | बिना मरजी तोहरे […]

भोजपुरी देबी गीत 2 – दे दा चरनिया शरनिया | दे दा चरनिया शरनिया माई बिनती करजोरिया | शेरवा चढ़ी आवा माई ओढ़ी लाली चुनरिया | गरवा मे हार फुलवा निमिया पड़ल झुलवा | हथवा […]

भोजपुरी देबी गीत 1 – बिना दरसन जाइब ना | केवन करनवा भुलइली माई बेटवा करे पुकार हो | बिना दरस जाइब ना माई छोडब ना तोर दुयार हो | अबोध बलकावा माई पूजा पाठ […]

भोजपुरी देबी गीत 7 –जय हो माई दुर्गा भवानी | जय हो माई दुर्गा भवानी | तोहरे बा दिहल माई हमरो जवानी | जय हो माई दुर्गा भवानी | ऊंचे रे पहड़वा माई सच्चा दरबार […]

चैत्र नव रात्र के अवसर पर रामनवमी मे श्रीराम भजन हिन्दी राम भजन 9 – श्रीराम कहाते है | श्रीराम तुम्हारे चरणों मे हम भाव चढ़ाते है | प्रभु आप मर्यादा पुर्षोतम श्रीराम कहाते है […]

चैत्र नव रात्र के अवसर पर देवी भजन हिन्दी देबी गीत 8 – शरण तुम्हारे | लाया हूँ माता धार आँसुओ शरण तुम्हारे | भक्त पड़ा है आज माता चरन तुम्हारे | निर्मल भाव माता […]

यह प्रकृति तू रोष दिखाती है पर क्या करेगी उस ममता का जो तुझसे खुद लड़ जाती है तूने सोचा दुख दूं उन सबको जो दिन-प्रतिदिन तेरा नाश करें पर हे ममता की मूरत तू […]

पुत्र मोह में लिपटे प्राण-पखेरू भी उड़ चले आज बलि वेदी पर राजा दशरथ भी चढ़ गए आज कैसी विपदा आन पड़ी अवध नगरी पर जो फली- फूली थी उपवन सी अकस्मात ही उजड़ गई […]

कुछ तो खेल है हाथ की लकीरों का हाथ ना आया लगाया हाथ जिसमें न पाने की तमन्ना थी मिला हरदम वही मुझको जुस्तजू जिसकी थी हमने उसी से हाथ धो बैठे जिंदगी बन गई […]

बेबस होकर वो लौटे हैं श्रमवीर कहलाने वाले हैं जिस घर में आराम से लेटे हो उसकी नींव बनाने वाले हैं😢 घर मंदिर और कुआं पोखर निज श्रम से उसने सींचे हैं उसकी मेहनत का […]

ख्वाहिशें सुख गई हैं ऐसे मौसम के बदलते मिजाज़ से फसलें जैसे क्या बोया और क्या पाया सपनों और हक़ीकत में कोई वास्ता न हो जैसे ख्वाहिशें सुख गई हैं ऐसे कल तक जो हरी […]

मेरे जाने के बाद ——————– बिखेर दिया है खुद को इस कदर मैंने ….. कि …. मैं ना मिल पाऊं गर तुम्हे … तो ढूंढ लेना मुझे …. मेरे गीतों और रचनाओं में। तुम पर […]

समुंदर पार कर दो ए केवट प्रिय मेरे पार कर दो गंगा प्रिय लक्ष्मण भ्रात है साथ और है जनक दुलारी साथ जाना है चित्रकूट मुझको करा दो गंगा पार हे केवट करा दो गंगा […]

आदाब सभी को मौत के डर ने ही ज़िंदा रक्खा है ख़ुदाया फिर भी ये इंसाँ इसी से डरता है हमारी साँस भी चलती उसी की मर्ज़ी से ही जहाँ में पत्ता भी उसकी रज़ा […]

हर सदी इश्क की ——————— समुद्र पार रेतीले मैदान में उगते गुलाब, नन्ही कोपलों से निकलते हरे पत्र, और नमकीन हवा में घुलती मिठास अनुराग की। मानसिक विरोधाभास के बीच पनपता स्नेह उम्र की सीमा […]

कहर कोरोना का छाया है देखो आज संसार में। त्राहि त्राहि कर रही है दुनिया आओ प्रभु अवतार में।। रक्तबीज का रक्त धरा पर टपक दैत्य बन उत्पात किया। कतरा कतरा पीकर काली दुष्ट दैत्य […]

ए साजन आम के बाग में, झूला लगा दे। अब की बरस सावन के मधुर गीत सुना दे। रिमझिम बारिश में भीगे है मेरा तन बदन मोरनी की भाँति मै बलखाउँ ऐसा एक धून बजा […]