तेरे दिल के रंग सुनसान से पाए तेरी आँखों में ख्वाब वीरान से पाए तेरे मन की उमंगें निर्जन सी पाई तेरी राहे ख़ुद से अनजान सी पाई तेरे मन की बातें बेजान सी पाई […]

तुझे पाने वाला ख़ुद का नसीब कहता है लुटने वाला ख़ुद को बद‍नसीब कहता है हैं दोनों ही तेरी राह् के भटके मुसाफिर तूँ तो दोनों को ख़ुद की औलाद कहता है …… यूई

ता-उमर लगायी दौलत कमाने मैं तूने जो कमाया अब वोही तो तेरा है बंदिया बेवफ़ाई पे मेरी क्यों तूँ इतना बिखर गया वफ़ा तूने क्मायी ही कहा, जो ढूँढे बंदिया हाँ दौलत से मिलती नही […]

मालूम हैं मुझे के में ना खरा उतरा तेरी आस्मानी उम्मीदो के पैमानों पर हाँ मैँ ही तुझे यह समझा ना पाया इंसानो को नही तौलते खुदा के पैमानों पर …… यूई

कुछ ख्वाब होते हैँ जलती चिंगारी उनका मिट कर बुझना है ज़रुरी कुछ ख्वाब होते हैँ मौत से भारी उनको जन्मा कर मिटाना भी ज़रुरी                                   …… यूई