एहसान तेरे काफी भूला देंगे हम
एक यह एहसान रहेगा याद ह्मे
इतनी जल्दी ही बस दिखा दिया
अपनी बेवफ़ा रूह का असली दिया
……. यूई
एहसान तेरे काफी भूला देंगे हम
एक यह एहसान रहेगा याद ह्मे
इतनी जल्दी ही बस दिखा दिया
अपनी बेवफ़ा रूह का असली दिया
……. यूई
अपने सर की खूब कसमें दी ,
दिल पे हाथ रख वायदे लिए,
के बस अब भूला देना हमको
क्या हुआ, कुछ ना कर पाए
सब क़समें वायदे भूल गए
तुमको ही ना बस भूल पाए
……. यूई
सोचा था दिल से भूला देंगे
फिर सोचा क्यों दिल से भूला देंगे
……. यूई
भूलना भुलाना लगता था बस यूँ ही जांएगा
ज़िन्दगी पाना और गँवाना यूँ ही हो जाएगा
……. यूई
सोचा था इक पल में ही भूला देंगे
कुछ भी तो ना कर पाए शाम ढले
……. यूई
बनते थे हम यूँ ही सख्त जान
इक पल में ही कर गया बेजान
……. यूई
टूटे आसेँ मेरी बंधाता क्यों है
अब भी मुझे रुलाता क्यों है
……. यूई
रूह मेरी में बस गई है खुशबू तेरी
या खुशबू तेरी बन गई है रूह मेरी
……. यूई
तुझको लगा नही कभी के
कर लिया तुमने झूठा सौदा
……. यूई
हम कर ना पाए बस मोहब्बत का सौदा
हमको हर पल लगा यही है सच्चा सौदा
……. यूई
क्या एक खता हमारी
तुम माफ ना कर पाए
……. यूई
खौफ-ए-खुदाई कभी भूला ना सके
बदला-ए-बेवफ़ाई तुमसे ले ना सके
……. यूई
तमाम बेवफ़ाईया तेरी ओ मेरे यार
चुरा ना पाई मेरी वफ़ा ओ मेरे यार
……. यूई
कुछ भी ना हम कभी भूला पाए
क्या तुम कभी भी हमें भूला पाए
……. यूई
ज़िन्दगी ने रूह को लुटा है जबसे
रूह-ए-ज़िन्दगी हम भरते है तबसे
……. यूई
अंदाज़-ए-ज़िन्दगी दम भरते हैं हमसे
खौफ-ए-ज़िन्दगी ना मिलते हैं हमसे
……. यूई
बन खुशी के फूल छा गए हो ज़मीन पे मेरे
अप्नी खुशबू से छा गए हो आसमान पे मेरे
……. यूई
अब नही बह्ता लहू रगो में मेरी
बहती हैं तू बन खुशबू रगो में मेरी
……. यूई
मसला क्यों अरमानो को तुमने ख़ुद के
भरोसा कुछ पल तो रखा होता मुझ पे
……. यूई
एहसान कभी हम जता ना पाए
हसरत-ए-दिल कभी बता ना पाए
……. यूई
डर मौत का क्या सतायगा मुझको
ज़िन्दा ही दफन किया है खुद् को
……. यूई
कितना भी चाहें हम
पत्थर मोम नही होता
……. यूई
मोम तो फिर मोम ही है
चाह के भी पथर ना होगा
……. यूई
डगर ज़िन्दगी की कैसी भी हो
दिल में चाह बचा के रखना
सबका दर्द अपना के रखना
सबसे प्यार निभा के रखना
….. यूई
डगर हर आसान हो
यह जरूरी तो नही
यह जरूरी है मगर
हौंसलों को अपने बुलंद रखना
….. यूई
डगर हर अपनी सी हो
यह जरूरी तो नही
….. यूई
हर डगर जानी सी हो
यह जरूरी तो नही
….. यूई
सफर में रह्ते तो सब काट ही जाते
साथ में रहते तो ज़िंदगी जी ही जाते
मुश्किलें चाहे हजारों थी इन राहो में
साथ में रहते तो हम सर कर ही जाते
….. यूई
सूनी है सब डगर तेरे बिन
सूनी है मेरी नजर तेरे बिन
सूना है यह शहर तेरे बिन
क्यों सब सूना कर छोड़ गए
मुझको क्यों अकेला तोड़ गए
….. यूई
ღღ__बिन मौसम बरसात यूँ, जला रही है मुझको “साहब”;
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जैसे शमाँ जलाती है, अपने परवाने को बुला के पास!!….#अक्स
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जबसे उन्होंने हमसे मुँह लिया मोड़
हमने उनकी गली को दिया छोड़
जबसे उन्होंने मिलने से किया मना
हमने सब अरमानो को किया फना
……यूई
आज आपकी अलविदा को, हमने दिल से यूँ मान लिया
दुआ करके खुदा को, तुम्हारी कब्र पे आखिरी सलाम किया
….. यूई
कोई भी करे प्यार मना मुझको
इसका ना पड़ता कोई फर्क मुझको
अब ना कोई उम्मीद रखी किसीसे
सारी प्रीत रची ख़ुद के ही दिलसे
….. यूई
कौन किसका यहा अपना होता है
कौन किसका यहा सपना होता है
दिल का बस यह भ्रम होता है
ख़ुद का यहा सिर्फ़ क्रम होता है
….. यूई
कितने भी तुम शहर भटक लो
घर उसका ही सबसे प्यारा है
कितने भी तुम दर खड़क लो
दर उसका ही सबसे न्यारा है
….. यूई
प्यार मोहब्बत दोस्ती वफ़ा
है सब किताबी अफ्साने यहां
तेरी ना किसी को लगन यहां
सब ख़ुद में ही है मगन यहां
….. यूई
किसको किसकी पड़ी है यहां
सबकी नज़रे ख़ुद में गड़ी यहां
….. यूई
कौन यहां पे किसकी सुनता है
हर कोई अपने ही सपने बुनता है
….. यूई
चाहते हो जो उसको पाना
तो उसकी राह् चले जाना
उसमें ना कोई बहाना बताना
दिल अपने को रोज़ समझाना
मन को सीधी राह् रख पाना
उसको पल पल भटकन से बचाना
….. यूई
चाहते हो जो उसको पाना
तो उसकी राह् चले जाना
उसमें ना कोई बहाना बताना
दिल अपने को रोज़ समझाना
मन को सीधी राह् रख पाना
उसको पल पल भटकन से बचाना
….. यूई
मांगो तो फटकार मिलेगी
भागो तो दुत्कार मिलेगी
छीनो तो कारागार मिलेगी
ठगो तो आह बेकार मिलेगी
….. यूई
यह दुनिया बड़ी अवल्ली है
यहां हर इंसान दुवल्ली है
मांगो इससे तो यह खल्ली है
ख़ुद लुटाए हो हो झल्ली है
….. यूई
ढूँढ ढूँढ तोहे मैं थकी
आग विरह में मैं पकी
कर यत्न मैं टूट चुकी
तेरे मन को थाह ना सकी
….. यूई
नाम हो मेरा, बस नाम हो मेरा
नाम नाम के ऐसी होड़ लगी
सबको पीछे यह छोड़ चली
कैसे भी हो बस नाम हो मेरा
ऐसी हवा यह खुद्की चली
सबको साथ यह ले उड़ी
….. यूई
इस दुनिया में नाम के उमर है उतनी
जितनी इस जीवन में देह के जितनी
….. यूई
नाम की अपनी झूठी होड़ में
मिलेंगे पागल तुम्हे हर मोड़ पे
….. यूई
तेरे नाम की अब किसको है आशा
हर कोई है अपने ही नाम का प्यासा
….. यूई
ख़ुद के नाम में यूँ डूबी दुनिया
उसके नाम को ही ले डूबी दुनिया
…… यूई
रंजिशें कितनी भी निभा लो
दुश्मन कितने चाहो बना लो
दोस्त जितने चाहो गँवा लो
नशा है ही ऐसा दौलत का
इसे जितना चाहो बड़ा लो
होड़ जितनी चाहे ल्गा लो
सबको पीछे छोड़ दौड़ लगा लो
आख़िर में क्या कर पाओगे
कभी तो थक हार बैठ जाओगे
अकेले फिर ख़ुद में कुरलाओगे
तब सबको साथ अपने बुलाओगे
तब साथ कोई ना ढूँढ पाओगे
…… यूई
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