कविता – भीम हमारा अभिमान |

अंबेडकर जयंती कि हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाये
कविता – भीम हमारा अभिमान |
किया निर्माण जो भारत का सविंधान |
सत सत नमन भीम हमारा अभिमान |
दिलाया अधिकार सबको जिसने समान|
बाबा भीम को करता नमन हिंदुस्तान |
दबे कुचले दलित पिछड़े राह दिखाई |
रहना कैसे मिल सबको सीख सिखाई |
हुआ अपनो खातीर बाबा जो कुर्बान |
सत सत नमन भीम हमारा अभिमान |
मिले शिक्षा सबको बाबा कि ईक्षा थी |
खुद बना बैरिस्टर ऊंची उसकी दीक्षा थी |
ब्यर्थ न जाये बाबा का अब बलिदान |
सत सत नमन भीम हमारा अभिमान |
खाकर ठोकरे खुद हार ना माना कभी |
मान सम्मान होता क्या न जाना कभी |
गुदड़ी का लाल देते जिसे सभी सम्मान |
सत सत नमन भीम हमारा अभिमान |
अगड़ो पिछड़ो लड़कर है भेद मिटाया |
डरे सहमे दलितो ऊंचा स्थान दिलाया|
आज जयंती तुम्हारी तुमको है प्रणाम |
सत सत नमन भीम हमारा अभिमान |
श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286
व्हात्सप्प्स -8210525557

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