“जवाब” #2Liner-62….

ღღ__मैं कह ही नहीं पाता, या तुम समझ नहीं पाते साहब;
.
कि अक्सर कुछ सवालों के, कोई जवाब नहीं होते !!…..‪#‎अक्स‬
.

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

A CA student by studies, A poet by passion, A teacher by hobby and a guide by nature. Simply I am, what I am !! :- "AkS"

Related Posts

आज कुछ लिखने को जी करता है

“ना पा सका “

“ना पा सका “

“मैं कौन हूँ”

“मैं कौन हूँ”

6 Comments

  1. Panna - February 20, 2016, 3:23 pm

    bahut khoob ankit!

  2. Ajay Nawal - February 21, 2016, 10:23 am

    Wah! maja aa gaya bro!

  3. Abhishek kumar - November 25, 2019, 9:10 am

    गजब

  4. Pragya Shukla - April 19, 2021, 12:48 pm

    अद्भुत तथा उच्चकोट की रचना

Leave a Reply