दिल की बस्ती

खुश रहने की वजह ढूंढ़ोगे,

तो कम ही मिलेंगें।

यहाँ हर चेहरा हस रहा बाहर से,

पर अन्दर तो गम ही मिलेंगें।।

झाँक कर देखोगे दिल की बस्ती में,

तो बस खाली शहर ही मिलेंगें।

नवीन’ नही कोई जहाँ में अपना ,

यहाँ बस पराये ही मिलेंगें।।


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8 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - December 24, 2019, 7:22 am

    सुंदर

  2. Abhishek kumar - December 24, 2019, 8:14 am

    Wow

  3. Pragya Shukla - December 24, 2019, 10:17 am

    Sahi h

  4. देवेश साखरे 'देव' - December 24, 2019, 10:56 am

    वाह

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