हॉय पूस की रात, तू कितना दर्द देता है। वो मुझसे दूर क्या हुई, उसके संग गुजरा हर लम्हा याद आता है।। हॉय पूस की रात, तू कितना दर्द देता है। मैं उसका मन था, […]

हॉय पूस की रात, तू कितना दर्द देता है। वो मुझसे दूर क्या हुई, उसके संग गुजरा हर लम्हा याद आता है।। हॉय पूस की रात, तू कितना दर्द देता है। मैं उसका मन था, […]

खुश रहने की वजह ढूंढ़ोगे, तो कम ही मिलेंगें। यहाँ हर चेहरा हस रहा बाहर से, पर अन्दर तो गम ही मिलेंगें।। झाँक कर देखोगे दिल की बस्ती में, तो बस खाली शहर ही मिलेंगें। […]