देश में कुछ ऐसा बदलाव होना चाहिए

जीवन में बुलन्दियों को छूना है अगर
कुछ कर दिखाने का दिल में,जुनून होना चाहिए
दामन को रखिए दूर ,दलदलों से पाप की
शालीनता और स्वच्छता को ,जीवन में होना चाहिए ||
अधिकार गर समान सभी के लिये नहीं
अब ऐसी व्यवस्था में,बदलाव होना चाहिए
पीढ़ी है दिग्भ्रमित ,यहाँ निर्णय हैं खोखले
अब शिक्षा व्यवस्था में बदलाव होना चाहिए ||
अज्ञान वश ही आज तक ,हम आपस में लड़े हैं
अब शिक्षित ,सुयोग्य समाज होना चाहिए
है जज्बा और जुनूँ ,लक्ष्मीबाई सा जिनमें
उन्ही की हांथ में तलवार होना चाहिए ||
वासना से लिप्त हैं ,क्यों आज की पीढ़ियां
इस विषय पर सबसे पहले ,शोध होना चाहिए
ऑनर किलिंग के नाम पर क्यों मरती हैं बेटियां
प्यार मगर क्या है ,हमें बोध होना चाहिए ||
‘प्रभात ‘ क्यों आज मतभेद के गड्ढे हैं ,और मजहब की खाइयां
दिल चीज मिलाने की है ,दिल को मिलाना चाहिए
उठा दे जो गिरती हुई मानसिकता
देश में कुछ ऐसा बदलाव होना चाहिए ||


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7 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - November 8, 2020, 4:30 pm

    अतिसुंदर

  2. Geeta kumari - November 8, 2020, 4:41 pm

    आजकल के माहौल का समसामयिक यथार्थ चित्रण ।
    सुन्दर प्रस्तुति

  3. Pragya Shukla - November 8, 2020, 5:58 pm

    समाज में अच्छा संदेश देती रचना शब्दावली भी सराहनीय है

  4. Rishi Kumar - November 8, 2020, 11:10 pm

    Very good👍👍

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