नारी तेरे मान को

नारी तेरे मान को
आखिर जग क्या लिखेगा?
कलम भी तू है काॅपी भी तू है।
सरस शब्द कविता भी तू है।।
तू वाणी विद्या बद्धि की
सरिता सम किताब है तू।
तू हीं शारदे तू हीं कालिका
हरिप्रिया की प्रभाव है तू।।
तूने हीं दी है ‘विनयचंद के जान को।
आखिर जग क्या लिखेगा
नारी के सम्मान को।।


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6 Comments

  1. Kanchan Dwivedi - March 8, 2020, 2:21 pm

    Nice

  2. Antariksha Saha - March 8, 2020, 3:23 pm

    Bahut khoob sir

  3. Abhishek kumar - March 8, 2020, 6:55 pm

    Good

  4. महेश गुप्ता जौनपुरी - March 8, 2020, 7:56 pm

    वाह बहुत सुंदर

  5. Dhruv kumar - March 8, 2020, 10:21 pm

    Nyc

  6. Pragya Shukla - March 10, 2020, 12:44 am

    सुंदर

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