बस एक दिन याद करो

26 जनवरी, 15 अगस्त,
देश भक्ति जगाओ, झण्डे फहराओ,
बलिदान पर “उनके”, तुम इतराओ,
फिर भूल जाओ भूल जाओ।।

नारी दिवस, बालिका दिवस,
कविता सुनाओ, मंच सजाओ,
मौका मिले तो दानव बन जाओ,
फिर भूल जाओ भूल जाओ।।

जन्माष्टमी हनुमान जयंती,
दुर्गा अष्टमी, गणेश चतुर्थी,
झांकी सजाओ त्योहार मनाओ,
गो माता का अपमान करो,
दर से भिखारी भूखा भगाओ।।

रामायण गीता जी पाठ कराओ,
दशहरा आया, रावण जलाओ,
अपने अंदर रावण पनपाओ,
जीवन भर भ्रष्टाचार करो,
पाप करो गंगा में बहाओ।।

मृत्यु पश्चात याद करो,
पंडित जिमाओ श्राद्ध करो,
जीते जी अपमान करो,
वृद्धाश्रम आबाद करो।।

पूरे साल में बस एक दिन,
दिवस मनाओ दिवस मनाओ,
उत्सव मनाओ फर्ज निभाओ,
फिर सब कुछ भूल जाओ,
भूल जाओ भूल जाओ।।

राकेश सक्सेना, बून्दी, राजस्थान
9928305806

Comments

10 responses to “बस एक दिन याद करो”

  1. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    अतिसुंदर

    1. धन्यवाद् 🙏

  2. Satish Pandey

    बहुत सुंदर रचना

    1. धन्यवाद् 🙏

  3. Vasundra singh Avatar
    Vasundra singh

    सुंदर रचना

    1. धन्यवाद् 🙏

  4. Geeta kumari

    अति उत्तम प्रस्तुति

  5. अति सुंदर सक्सेना जी

  6. बहुत सुंदर

Leave a Reply

New Report

Close