भोजपुरी पारंपरिक होली 4-कान्हा संग होली

भोजपुरी पारंपरिक होली 4-कान्हा संग होली
सखी खेलब ना कान्हा संग होरी |
हरदम करे उ बलजोरी |
जब हम जाई जमुना किनरवा |
देले मोर मटकी के फोरी |
सखी खेलब ना कान्हा संग होरी |
जब हम जाई फूल लोढ़े बगिया |
खींचे मोर अँचरा के कोरी |
सखी खेलब ना कान्हा संग होरी |
जब हम जाई यमुना के बिचवा |
करे मोर सड़िया के चोरी |
सखी खेलब ना कान्हा संग होरी |
जब हम जाई ब्रिन्दा रे बनवा |
बंसिया बजाई नचावे राधा गोरी |
सखी खेलब ना कान्हा संग होरी |
जब हम जाई दहिया लेईके बज़रिआ |
कहे चला कदमवा के ओरी |
सखी खेलब ना कान्हा संग होरी |

श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286


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13 Comments

  1. Priya Choudhary - February 24, 2020, 7:43 am

    Good 👍

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - February 24, 2020, 1:05 pm

    सुंदर

  3. Pragya Shukla - February 24, 2020, 1:35 pm

    Good

  4. NIMISHA SINGHAL - February 24, 2020, 5:57 pm

    Brij ke holi ke kya kehne

  5. Dhruv kumar - February 26, 2020, 9:23 pm

    Nyc

  6. Pragya Shukla - February 29, 2020, 3:26 pm

    Nyc

  7. Kanchan Dwivedi - March 5, 2020, 6:02 am

    Kya baat h

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