माँ

माँ

ममता का आँचल सर पर हरदम रख लेती है!
मुझको ज्यादा देकर वो खुद कम रख लेती है!
माँ से बढ़कर कोई नई है इस दुनियां में दूजा-
सारी खुशियाँ देकर वो खुद गम रख लेती है!

राजेन्द्र मेश्राम “नील”


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6 Comments

  1. Abhishek kumar - December 16, 2019, 10:37 am

    Awesome

  2. Pragya Shukla - December 16, 2019, 10:40 am

    Good

  3. Amod Kumar Ray - December 16, 2019, 12:30 pm

    Best

  4. Poonam singh - December 16, 2019, 2:42 pm

    Wah

  5. Amod Kumar Ray - December 16, 2019, 9:05 pm

    Sundar

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