#सुप्रभात_मित्रों ******************************* नवभाव लिए है गीत मेरा, याद रहे यह, तुम्हें जुबानी मैं लिखता हूँ उम्मीद भरी, इक नई कहानी | ^^^^^^^^^०००^^^^^^^^^ हो मस्त मगन, लें चूम गगन, उर में उठती, लहर सुहानी | मैं […]

rajendrameshram619@gmail.com ************************ जलने दो हृदय की वेदना, विचलित मन से कैसे डरना | हो जीवन संताप दुखों का, फिर क्या जीना फिर क्या मरना || ~~~~~00000~~~~~ युद्ध अनघ है मन के भीतर, परितापों से प्राण […]

समस्त देशवासियों को #स्वतंत्रता दिवस की 74 वी वर्षगांठ पर हार्दिक मंगलकामनाएँ राजेन्द्र मेश्राम-नील ******************* अपने लहू से तर, धरा का शृंगार कर, सोई हुई चेतना को, इतना तो भान दे | भावी वर्तमान भूत […]

ये रास्तें है कैसे हमसफ़र नही मिलते, छूट गए जो पीछे उम्र भर नही मिलते! सूख चूके है उनके दीदार के इंतजार में, हरे-भरे अब ऐसे शजर नही मिलते! तार-तार होते रिश्तों पर खड़ी दीवार […]

कहीं खामोश लम्हा है,कहीं ये शोर कैसा है, कहीं पर शाम मातम की,ये सुख का भोर कैसा है! कहीं मासूम जलते है ,पिघलते मोम के जैसे, सियासत का कहीं झगड़ा,बढ़ा हर ओर कैसा है! कहीं […]

ममता का आँचल सर पर हरदम रख लेती है! मुझको ज्यादा देकर वो खुद कम रख लेती है! माँ से बढ़कर कोई नई है इस दुनियां में दूजा- सारी खुशियाँ देकर वो खुद गम रख […]