“याद”#2Liner…..

ღღ__ना जाने आज इतना, क्यूँ याद आ रहे हो “साहब”;
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तुझे भूलने की कोशिश, तो हमने की ही नहीं कभी!!….‪#‎अक्स

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7 Comments

  1. Neetesh Thapar - June 17, 2016, 12:14 pm

    Behtareen

  2. Varsha Kelkar - June 17, 2016, 8:09 pm

    Umda

  3. प्रतिमा चौधरी - September 3, 2020, 11:00 am

    बहुत बढ़िया

  4. Satish Pandey - September 3, 2020, 3:21 pm

    very nice

  5. Pragya Shukla - April 17, 2021, 12:28 am

    बहुत सुन्दर भाव पूर्ण रचना

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