वो बूढ़ी माँ

एक पन्ना और जुड़ गया
जीवन के अध्याय में
चिरंजीव चिरस्थायी का जो
आशीर्वाद दिया था माँ ने
आज धुंधला प्रतीत हो रहा है
अकस्मात एक प्रारब्ध बेला पर
विचलित कर देने वाली घटना
स्मरण हुई
जो अन्तर्मन को दुखा रही थी
मेरी वेदना के शूल चुभ रहे थे
नयनों से अश्रुधारा बह चली
एक माँ के बुढापे का सहारा
जो मृत्यु की गोद में सो गया था
अकारण ही दुर्घटना का
शिकार हो गया था …..
वो बूढ़ी माँ अपने मृत पुत्र को
गोद में लेकर कह रही थी:-
उठ बेटा उठ तुझे भूख लगी होगी कुछ खाले××××
कुछ बोलता क्यूँ नहीं…
मैं ऐसा करुण दृश्य देखकर अवाक सी रह गयी××××


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

Related Posts

जन्मदिन शुभकामना

माता सीता

वायरस

श्रीराम और हनुमान

18 Comments

  1. Abhishek kumar - March 25, 2020, 9:56 am

    भाव पूर्ण रचना

  2. Master sahab - March 25, 2020, 9:57 am

    मार्मिक रचना

  3. Anita Mishra - March 25, 2020, 10:44 am

    सेलयूट यू

  4. Kanchan Dwivedi - March 25, 2020, 1:33 pm

    Nice

  5. Antariksha Saha - March 25, 2020, 11:25 pm

    Bahut ache sabdon ka prayog

  6. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - March 26, 2020, 6:47 am

    Nice

  7. Dhruv kumar - March 26, 2020, 10:35 am

    Nyc

  8. NIMISHA SINGHAL - March 28, 2020, 9:09 pm

    Nice

  9. Vani Shukla - April 4, 2020, 5:04 pm

    Bhaav poorn

Leave a Reply