चारों तरफ अंधेरा छाया है
मेरे पीछे ये किसका साया है
डर लगता है मुझको ले लो अपनी बाँहों में
कई सालों बाद ऐसा मौका आया है
अंधेरा
Comments
7 responses to “अंधेरा”
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बहुत ख़ूब…
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Thanks
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वाह सुन्दर अभिव्यक्ति, बहुत खूब
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Thanks
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उम्दा प्रस्तुति
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Thanks
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सुंदर
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