अंधेरा

चारों तरफ अंधेरा छाया है
मेरे पीछे ये किसका साया है
डर लगता है मुझको ले लो अपनी बाँहों में
कई सालों बाद ऐसा मौका आया है

Comments

7 responses to “अंधेरा”

  1. बहुत ख़ूब…

  2. वाह सुन्दर अभिव्यक्ति, बहुत खूब

  3. उम्दा प्रस्तुति

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