*अपने नसीब की*..

आह ! ना लेना कभी,
किसी गरीब की
हर किसी को मिल जाती है,
अपने नसीब की..

*****✍️गीता

Comments

7 responses to “*अपने नसीब की*..”

  1. Yes you are right
    👍👍

  2. बहुत सुंदर पंक्तियाँ, यथार्थ का कम शब्दों में बेहतरीन चित्रण

    1. Geeta kumari

      समीक्षा हेतु आभार सतीश जी बहुत बहुत धन्यवाद 🙏

    1. Thanks for your precious compliment

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