कहीं खुशियों के दीप जले,
कहीं अरमान भरे दिल।
कहीं पे हो गईं, राहें लंबी,
किसी को मिली मंज़िल।
अरमान भरे दिल
Comments
27 responses to “अरमान भरे दिल”
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क्या खूब कहा
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धन्यवाद जी
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बहुत सुंदर
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बहुत बहुत धन्यवाद जी 🙏
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“सर्वश्रेष्ठ सदस्य” के खिताब की बधाई स्वीकार करें
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सादर धन्यवाद, आपके उत्साह वर्धन हेतु अभिवादन
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Very nice👏👍😊
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Thank you OR Tq🙂
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एक ही क्षण में भावों को शब्दों में बदलकर कविता सृजन करना आपकी लेखनी की बहुत सुंदर विषेशता है , ऐसे ही मैम आप अच्छी अच्छी कविताएं पढ़ने का अवसर प्रदान करती रहें ,ईश्वर आपको और भी ज्यादा ज्ञान दे, सामर्थ्य दे तथा स्वस्थ रखें। हम तो यही कामना करते हैं🙏🙏👌 सुन्दर प्रस्तुति
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बिल्कुल उचित, सर
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शुक्रिया सतीश जी 🙏 बहुत बहुत आभार
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बहुत बहुत धन्यवाद आपका मोहन जी 🙏 उत्साह वर्धन के लिए आभार
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बहुत सुंदर
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धन्यवाद आपका वसुंधरा जी 🙏
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Nice
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Thank you mam
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Good
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सादर धन्यवाद भाई जी 🙏
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बहुत खूब
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शुक्रिया चंद्रा जी
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आप बहुत ही सुलझी हुई कवि हैं। आपकी जय हो,
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बहुत सुंदर
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बहुत बहुत धन्यवाद जी 🙏
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उम्दा लेखन
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Thanks for your pricious complement 🙏
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वाह वाह
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धन्यवाद आपका पीयूष जी
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