आजादी

स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाये।

गुलामी में भी हमारे दिल में देश की शान काफी थी,

तोड़ देते थे होंसला अंग्रेजो का हममे जान काफी थी,

पहनते थे कुर्ता और पाजामा खादी की पहचान काफी थी,

गांधी जी के मजबूत इरादों की मुस्कान काफी थी,

आजाद भारत देश को स्वतंत्र भाषा विचार को,

लड़ कर मर मिट जाने की तैयार फ़ौज काफी थी,

गुलामी की जंजीरों से जकड़े रहे हर वीर में,

स्वतंत्र भारत माँ को देखने की तस्वीर काफी थी॥

राही (अंजाना)

Comments

8 responses to “आजादी”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Wah

  2. Kanchan Dwivedi

    Nice

  3. Pragya Shukla

    Nice

  4. Satish Pandey

    जय हिंद

  5. Abhishek kumar

    Good

Leave a Reply

New Report

Close