आरज़ू

‘ज़िंंदगी को इतनी हसरत से नही देखा कभी,
जितनी तेरा साथ पाने की है मुझमे आरज़ू..’

– प्रयाग

Comments

10 responses to “आरज़ू”

  1. वाह,बहुत ख़ूब

    1. शुक्रिया जी

    1. सादर धन्यवाद

  2. बहुत सुंदर, लाजबाब, लेखनी को सैल्यूट

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